छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स और थाना सिंघोड़ा पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने 1432 किलोग्राम अफीम पोस्त डोडा जब्त किया है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 2 करोड़ 14 लाख 80 हजार रुपये बताई जा रही है। इसके साथ ही परिवहन में इस्तेमाल किया गया पिकअप वाहन और अन्य सामग्री सहित कुल 2 करोड़ 25 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।
पुलिस ने इस मामले में हरियाणा के करनाल जिले के दो आरोपियों—हरविंदर सिंह और सत्यवान वाल्मीकि—को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में दोनों के लंबे समय से अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।
गुप्त सूचना पर हुई नाकाबंदी
पुलिस को सूचना मिली थी कि ओडिशा की ओर से एक पिकअप वाहन (HR46 F 4848) में भारी मात्रा में अफीम पोस्त डोडा छत्तीसगढ़ लाया जा रहा है। सूचना के आधार पर राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर रेहटीखोल के पास नाकाबंदी की गई। कुछ समय बाद संदिग्ध वाहन को रोककर तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान वाहन में रखी बोरियों से बड़ी मात्रा में अफीम पोस्त डोडा बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे इस मादक पदार्थ को झारखंड के गुमला से रायपुर ले जा रहे थे।
जप्त सामग्री और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1432 किलो मादक पदार्थ, लगभग 10 लाख रुपये कीमत का पिकअप वाहन और दो मोबाइल फोन (लगभग 20 हजार रुपये) जब्त किए हैं। कुल जब्त संपत्ति की कीमत करीब 2.25 करोड़ रुपये आंकी गई है।
दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 18(ख) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। फिलहाल उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है और पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क पर बड़ी चोट पहुंची है और आने वाले दिनों में इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।









