रायपुर। कांकेर जिले में 17 दिसंबर को धर्मांतरण से जुड़े एक मामले में शव दफनाने को लेकर हुए विवाद के बाद प्रदेश में तनाव की स्थिति बन गई। दो पक्षों के बीच विवाद के दौरान प्रार्थना स्थल में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आईं, जिसके बाद प्रशासन को भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा और धारा 144 लागू करनी पड़ी।
इसी घटना के विरोध में छत्तीसगढ़ सर्व समाज ने प्रदेश में सामाजिक अशांति फैलाने का आरोप लगाते हुए आज प्रदेशव्यापी बंद का आह्वान किया है। संगठन ने बस्तर संभाग सहित सभी संभागों में बंद को सफल बनाने की अपील की है। जनजातीय सुरक्षा मंच के नेताओं ने कहा कि बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में रहेगा।
बीजापुर में बंद का व्यापक असर
बीजापुर जिले में बंद का असर साफ दिखाई दिया। बीजापुर शहर के साथ-साथ भोपालपटनम, आवापल्ली, भैरमगढ़ और मद्देड में अधिकांश व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। सुबह से बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा, जिससे आम लोगों को दैनिक जरूरतों की खरीदारी में परेशानी हुई।
हालांकि, सार्वजनिक परिवहन आंशिक रूप से प्रभावित रहा। निजी बसें और ऑटो चलते रहे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों से जिला मुख्यालय आने-जाने में पूरी तरह बाधा नहीं आई।
कांकेर में रैली का कार्यक्रम
कांकेर जिले में दुकानें, व्यापारी परिसर और बड़े संस्थान बंद रखे गए हैं। सुबह 11 बजे वंदे मातरम स्थल से रैली निकाली जाएगी। रैली में सर्व समाज के लोग शामिल होंगे। चैंबर ऑफ कॉमर्स ने बंद को समर्थन दिया है।
कोंडागांव में भी प्रदर्शन
कोंडागांव में सर्व समाज के लोग चौपाटी मैदान में एकत्र होंगे और वहां से रैली निकालकर कलेक्ट्रेट तक पहुंचेंगे। अनुमान है कि रैली में करीब 5 हजार लोग शामिल हो सकते हैं। रैली के बाद कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा।








