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छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की भारी कमी, स्कूलों में 48 हजार, कॉलेजों में 2,500 शिक्षक पद खाली

राजधानी रायपुर से बड़ी खबर है कि छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में शिक्षक संकट गहरा रहा है। राज्य के सरकारी स्कूलों में 48 हजार से अधिक और कॉलेजों में ढाई हजार से ज्यादा शिक्षकों के पद खाली हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले 2030 तक 40 प्रतिशत शिक्षक सेवानिवृत्त हो जाएंगे, जिससे स्थिति और गंभीर होगी।

सरकार ने स्कूलों में पांच हजार और कॉलेजों में 700 पदों पर भर्ती की मंजूरी दी है। स्कूलों के शिक्षकों के लिए भर्ती का शेड्यूल जारी कर दिया गया है और परीक्षाएं अक्टूबर में होंगी। वहीं कॉलेजों की भर्ती के लिए अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

सरकारी कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसरों के ढाई हजार से ज्यादा पद खाली हैं। वित्त विभाग ने 700 पदों का प्रस्ताव मंजूर किया है, जिसमें 625 पद असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए हैं। प्रदेश के 335 शासकीय महाविद्यालयों में प्रोफेसरों के 780 स्वीकृत पदों में से सभी रिक्त हैं। 16 साल में असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती केवल तीन बार हुई है, जबकि प्रोफेसरों की सीधी भर्ती प्रक्रिया 2021 में शुरू हुई थी, लेकिन अब तक अधर में लटकी है।

राज्य में लगभग 335 सरकारी और 250 से अधिक निजी कॉलेज संचालित हैं। इसके अलावा नौ शासकीय और 15 निजी विश्वविद्यालय भी हैं। रोजगार एवं प्रशिक्षण के अधिनस्थ प्राचार्य के 64 और प्रशिक्षक अधीक्षक के 209 पद भी रिक्त हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी कम भर्ती और भारी रिक्तियों के बीच शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद नगण्य है।

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