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बेटियों के मान में छत्तीसगढ़ अव्वल: 974 लिंगानुपात के साथ देश के बड़े राज्यों को पछाड़ा

रायपुर। छत्तीसगढ़ में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे अभियानों और सरकार की संवेदनशीलता का बड़ा असर दिखाई देने लगा है। सामाजिक चेतना की नई लहर के चलते छत्तीसगढ़ ने जन्म के समय लिंगानुपात (Sex Ratio at Birth) के मामले में देश के बड़े राज्यों के बीच अपना परचम लहराया है। ताज़ा आंकड़ों (SRS 2021-23) के अनुसार, छत्तीसगढ़ 974 के लिंगानुपात के साथ शीर्ष स्थान पर काबिज है, जो केरल और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों से भी बेहतर स्थिति में है।

सामाजिक सोच में आया क्रांतिकारी बदलाव

राज्य के स्कूलों, आंगनबाड़ियों और स्वास्थ्य केंद्रों में चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों का परिणाम है कि अब बेटियों के जन्म पर डर नहीं, बल्कि भविष्य की उम्मीद दिखाई देती है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम और लिंग आधारित भेदभाव के उन्मूलन के लिए जिलों में निगरानी व्यवस्था सुदृढ़ की गई है। अल्ट्रासाउंड केंद्रों की नियमित समीक्षा और अनिवार्य सूचना प्रदर्शन ने इस सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

प्रमुख राज्यों का लिंगानुपात: एक तुलनात्मक दृष्टि (SRS 2021-23)

छत्तीसगढ़ ने साक्षरता और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों को पीछे छोड़ते हुए अपनी पहचान बनाई है:

राज्यलिंगानुपात (SRB)
छत्तीसगढ़974
केरल971
हिमाचल प्रदेश958
आंध्र प्रदेश943
मध्य प्रदेश917
उत्तर प्रदेश916
गुजरात900
हरियाणा884
दिल्ली872

नीति आयोग की रिपोर्ट में भी सराहना

नीति आयोग की हालिया रिपोर्ट में भी छत्तीसगढ़ की भूमिका को उल्लेखनीय बताया गया है। स्वास्थ्य विभाग और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के माध्यम से किशोरियों के स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसका सीधा असर प्रदेश के सामाजिक ढांचे पर पड़ा है।

“यह सामूहिक प्रयासों की जीत है”: स्वास्थ्य मंत्री

प्रदेश की इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा- “974 का लिंगानुपात इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश में बेटियों के सम्मान और संरक्षण को लेकर सामूहिक प्रयास सफल हो रहे हैं। यह चिकित्सकों, जिला प्रशासन, महिला समूहों और जनप्रतिनिधियों की मेहनत का नतीजा है। आज छत्तीसगढ़ की पहचान उस संवेदनशील सोच से बन रही है, जिसमें हर बेटी को समान अधिकार और उज्ज्वल भविष्य मिल रहा है।”



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