कांकेर जिले के बड़े तेवड़ा गांव (ग्राम आमाबेड़ा) में धर्मांतरित व्यक्ति के शव को दफनाने को लेकर फिर से विवाद उत्पन्न हो गया। गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार, गांव के सरपंच रजमन सलाम के पिता चमराराम सलाम का रविवार को अस्पताल में निधन हो गया। सरपंच ने अपने पिता का कफ़न गांव में ही दफन कर दिया। इस सूचना के बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और शव दफन करने का विरोध किया।
ग्रामीणों और सरपंच के पक्ष में समझौता कराने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन देर शाम तक कोई निर्णय नहीं हो पाया और लोग अपने घर लौट गए।
बुधवार को मामला और गंभीर हो गया। ग्रामीण धर्मांतरित व्यक्ति के शव को कब्र से बाहर निकालने पर अड़े रहे। इस दौरान शव को निकालने का प्रयास भी हुआ, लेकिन पुलिस की मौजूदगी के कारण इसे रोक दिया गया। इस दौरान दोनों पक्षों में झूमा-झपटी भी हुई और कुछ पुलिस कर्मियों को चोटें आई।
स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस ने अतिरिक्त जवानों की तैनाती की। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। यह कोई पहला मामला नहीं है जब धर्मांतरित व्यक्ति के शव के दफन को लेकर विवाद पैदा हुआ हो। इससे पहले भी कई बार इस तरह के मामले जिले में सामने आ चुके हैं, जिससे समुदायों में तनाव उत्पन्न हुआ है।








