रायपुर। छत्तीसगढ़ में सभी सरकारी बड़े-बड़े शिक्षा विकास के दावे करते हैं, लेकिन धरातल पर शून्य प्रमाण दिखाई देता हैं। ऐसा ही एक मामला कांकेर जिले के पखांजूर विकासखंड में सामने आया है जहां ग्राम पंचायत उलिया का प्राथमिक शाला इन दिनों बदहाली की मार झेल रहा है, यहाँ कक्षा पहली से पाँचवीं तक 66 बच्चे एक ही कमरे पोटाकेबिन में बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत उलिया का यह प्राथमिक स्कूल वर्षों से एक ही कमरे में संचालित हो रहा है, बच्चों की संख्या बढ़ने के बावजूद अब तक भवन का विस्तार नहीं किया गया है। चाहे गर्मी हो बरसात या सर्दी हो हर मौसम में बच्चों और शिक्षकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि से कई बार उन्होंने इस समस्या की जानकारी शिक्षा विभाग, जिला प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधियों को दी जा चुकी है,लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिसका खामियाजा शिक्षक और बच्चे भोग रहे हैं।
ग्रामीणों की मांग है कि जल्द से जल्द नए भवन का निर्माण कराया जाए ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो और वे बेहतर माहौल में शिक्षा प्राप्त कर सकें,उम्मीद है कि जिम्मेदार विभाग इस ओर ध्यान देगा और उलिया के बच्चों को भी मिलेगी पढ़ाई के लिए बेहतर सुविधा।









