धमतरी जिले के अर्जुनी थाना क्षेत्र के ग्राम भानपुरी में एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। आदिम जाति कल्याण विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत देवेंद्र साहू (37) ड्यूटी के लिए कलेक्ट्रेट जा रहे थे, तभी उनकी बाइक को एक मोडिफाइड वाहन ने जोरदार ठोकर मार दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ठोकर मारने वाला वाहन ऑटो जैसा मोडिफाइड किया गया था और आरोपी ड्राइवर मंडई मेले के लिए सामान ले जा रहा था। वाहन पर नियंत्रण खोने से यह हादसा हुआ। गंभीर रूप से घायल देवेंद्र को जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
दुख की इस घड़ी में परिजनों ने एक नेक फैसला लिया और उनके बेटे की आंखों का नेत्रदान करने का निर्णय किया, ताकि किसी और के जीवन में रोशनी लाई जा सके। परिजनों का कहना था, “किसी और के शरीर में हमारे बेटे की आंखें जिंदा रहेंगी, यह हमारे लिए अच्छा संदेश है। ऐसा लगेगा जैसे हमारा बेटा अभी भी हमारे सामने है और दुनिया देख रहा है।” नेत्रदान प्रक्रिया में नोडल अधिकारी डॉ. राजेश सूर्यवंशी, गुरुशरण साहू और उनकी टीम सहयोग कर रहे हैं।
देवेंद्र साहू घर के इकलौते कमाने वाले बेटे थे। उनके माता-पिता, पत्नी और छोटा पुत्र इस हादसे से शोकाकुल हैं। गांव में मातम पसरा हुआ है और लोग हंसमुख व्यक्तित्व वाले देवेंद्र की अचानक मौत पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं। पुलिस ने मोडिफाइड वाहन को जब्त कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।








