रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र सोमवार, 9 मार्च से दूसरे सेशन के साथ शुरू हो गया। सत्र की शुरुआत में टी-20 में टीम इंडिया की जीत पर बधाई दी गई, इसके बाद प्रश्नकाल में बस्तर में धान खरीदी का मुद्दा उठा। विधायक लखेश्वर बघेल ने सवाल किया कि बस्तर संभाग में धान खरीदी कब से शुरू हुई और किन किसानों का धान नहीं खरीदा गया।
मंत्री दयालदास बघेल ने जवाब दिया कि धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होकर 31 जनवरी को समाप्त हुई। उन्होंने बताया कि 44 हजार 612 किसानों का धान खरीदी केंद्रों में नहीं आया। मंत्री ने यह भी कहा कि जो भी किसान पंजीयन कराते हैं, सभी शत-प्रतिशत धान नहीं बेचते।
विपक्ष के नेता भूपेश बघेल ने पूछे कि कितने किसानों का धान समर्पित कराया गया। मंत्री के जवाब में कहा गया कि पिछली बार की तुलना में तीन गुना ज्यादा धान खरीदी गई। इस पर विपक्षी सदस्यों ने नाराजगी जताई और आरोप लगाया कि कई किसान आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जाकर धान बेच चुके हैं।
विपक्ष ने यह भी सवाल उठाया कि जो किसान ऋणी हैं, उनका कर्ज सरकार खरीदेगी या माफ करेगी। इस असंतोष के बाद विपक्ष ने सदन से बर्हिगमन कर दिया। सत्र में धान खरीदी को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच विवाद जारी रहा।










