कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की हनुमंत कथा के दौरान बड़ा विवाद खड़ा हो गया। जहां एक ओर लाखों श्रद्धालु आस्था के लिए कथा सुनने पहुंचे थे, वहीं कथा स्थल के पीछे पहुंच और प्रभुत्व को लेकर तनाव बढ़ गया। रविवार रात यह मामला धक्का-मुक्की और मारपीट तक पहुंच गया।
अग्रसेन भवन में हुआ झगड़ा
कटघोरा के अग्रसेन भवन में बाबा से मिलने के दौरान कार्यक्रम संयोजक अमरजीत सिंह और रायपुर के एक व्यापारी के बीच जोरदार विवाद हुआ। बताया गया कि अमरजीत सिंह अपने समर्थकों के साथ भीतर जाने का प्रयास कर रहे थे, जिसे व्यापारी के लोगों ने रोका। यही मामला आपसी धक्का-मुक्की और तनाव का कारण बना।
आयोजकों में तनाव और आपसी असहमति
विवाद की जानकारी मिलते ही दोनों पक्षों के समर्थक पहुंच गए, जिससे माहौल बिगड़ गया। हालांकि बाद में मामला आपसी स्तर पर सुलझा लिया गया और पुलिस तक नहीं पहुंचा, लेकिन आयोजन की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए।
पैसे लेकर प्रभावित करने का आरोप
सूत्रों के अनुसार, रायपुर के व्यापारी पर आरोप है कि वह पैसे देकर अपने लोगों को भीतर भेज रहा है और कार्यक्रम पर नियंत्रण जमाने की कोशिश कर रहा है। इसके अलावा कथित रूप से लाखों रुपये के गलत बिल भेजकर आयोजकों पर आर्थिक दबाव बनाने की भी कोशिश की गई।
कथा आयोजन में पहले से ही खटपट के संकेत
यह कथा ‘अपना घर सेवा आश्रम’ द्वारा आयोजित की जा रही थी। संयोजक अमरजीत सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह और टीम कई दिनों से तैयारी में लगे थे। अंतिम चरण में व्यापारी के बीच आने से व्यवस्था में असहमति और खटपट पैदा हुई।
छवि चमकाने का आरोप
स्थानीय चर्चा है कि व्यापारी ने कथानक के लिए फंडिंग की और अपने राजनीतिक-सामाजिक संपर्कों वाले फ्लेक्स-फोटो का उपयोग करके अपनी छवि चमकाने की कोशिश की। इससे आयोजकों और व्यापारी के बीच अविश्वास और खटास और बढ़ गई है।










