रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में अपराधियों का हौसला अब पूरी तरह बुलंद हो गया है। अपराधी न केवल आम जनता के लिए खतरा बन चुके हैं, बल्कि वे पुलिस और कानून के डर को भी नजरअंदाज कर रहे हैं। राजधानी में कुछ युवकों की सोशल मीडिया गतिविधियों ने इस बात को और स्पष्ट कर दिया है। ये युवक खुलेआम चाकू, देसी कट्टा और पिस्टल लहराते हुए वीडियो और तस्वीरें पोस्ट कर रहे हैं। इन वीडियो और तस्वीरों में वे खुद को गैंगस्टर बताते नजर आते हैं, जिससे आम जनता में डर का माहौल पैदा हो रहा है।
चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से कई युवक विभिन्न थानों द्वारा निगरानी में रखे जा रहे हैं। इसके बावजूद वे बिना किसी भय के सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो डाल रहे हैं। कुछ वीडियो में प्रतिबंधित हुक्का का भी इस्तेमाल देखा गया है, जो युवाओं और आम जनता के लिए चिंता का विषय बन गया है।
राजिम में हिस्ट्रीशीटर की हत्या
29 दिसंबर को गरियाबंद जिले के राजिम थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते एक हिस्ट्रीशीटर का बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान हितेश्वर तारक उर्फ चंदु तारक के रूप में हुई। मृतक आदतन अपराधी था और थाना राजिम में उसके खिलाफ मारपीट और चोरी के कुल 8 मामले दर्ज थे। इसके अलावा उसके खिलाफ 9 बार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जा चुकी थी और थाना में उसका गुण्डा बदमाश का फाइल भी दर्ज था।
जानकारी के अनुसार, 28 दिसंबर की रात करीब 11 बजे गांव के 11 लोगों ने मिलकर हितेश्वर तारक को उसके घर से जबरदस्ती बाहर घसीटा और कोपरा-बोरसी मार्ग के किनारे ले जाकर लाठी-डंडा और पत्थरों से बेरहमी से पिटाई की। इस हमले में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आरोपियों ने शव को सड़क किनारे फेंक दिया और मौके से फरार हो गए।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
हत्या की सूचना मिलने पर राजिम थाना प्रभारी अमृत लाल साहू और पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस ने सभी संदेहियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने हत्या करना स्वीकार किया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने सभी 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
अपराधियों के खिलाफ धारा 332(ख), 296, 115(2), 351(3), 191(2), 191(3), 191 एवं 103(1) बीएनएस के तहत केस पंजीबद्ध किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
करण साहू, नोहर विश्वकर्मा, विमलेश साहू, थानचंद साहू, सुनील साहू, शिव साहू, गजेन्द्र साहू, लक्ष्मीचंद सतनामी, भुरू उर्फ ओमप्रकाश सतनामी, उमाशंकर यादव और अक्षय साहू।









