दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद समाप्ति के लिए तय डेडलाइन के आखिरी दिन दंतेवाड़ा में बड़ा सरेंडर ऑपरेशन हुआ। कुल 5 नक्सलियों ने पुलिस और सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण किया और मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। यह सरेंडर भारी हथियारों की बरामदगी के कारण खास महत्व रखता है।
सरेंडर करने वाले नक्सलियों ने कुल 40 बड़े और छोटे हथियार पुलिस को सौंपे। यह हाल के वर्षों में दंतेवाड़ा क्षेत्र में हथियारों की सबसे बड़ी स्वैच्छिक जमा-बंदी में से एक मानी जा रही है। सरेंडर करने वालों में कई सक्रिय नक्सली शामिल थे, जो लंबे समय से जंगलों में संगठन के लिए काम कर रहे थे।
यह आत्मसमर्पण कारली पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुआ। बस्तर के IG सुन्दरराज पट्टलिंगम और CRPF अधिकारियों की मौजूदगी में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ। नक्सलियों को समर्पण पूना मार्गेम पुनर्वास योजना के तहत मुख्यधारा में लाया गया।
दंतेवाड़ा पुलिस ने बताया कि सुबह 11 नक्सलियों के सरेंडर की सूचना थी, लेकिन अंतिम रूप से केवल 5 नक्सली ही सामने आए। अधिकारियों का मानना है कि जल्द ही बाकी नक्सली भी आत्मसमर्पण की प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं।










