तखतपुर। छत्तीसगढ़ के तखतपुर के सरगांव क्षेत्र से एक प्रेरणादायक मामला सामने आया है, जहां एक दुल्हन ने शादी के बाद ससुराल जाने की बजाय सीधे परीक्षा हॉल पहुंचकर शिक्षा को प्राथमिकता दी। यह घटना जिम्मेदारी और संकल्प की अनोखी मिसाल बन गई है।
जानकारी के अनुसार, सरगांव क्षेत्र के लोहदा गांव में शुक्रवार रात मानिकपुरी परिवार में बारात घठोलीपारा (कुकुसदा) से पहुंची थी। शादी की रस्में देर रात तक चलती रहीं और शनिवार सुबह 7 बजे तक पूरी नहीं हो पाई थीं। इसी दौरान दुल्हन की बीए तृतीय वर्ष की राजनीति विज्ञान की परीक्षा भी सुबह 7 बजे निर्धारित थी।
दुल्हन चंचल मानिकपुरी, पिता शिशुपाल मानिकपुरी, निवासी लोहदा, ने बिना किसी हिचक के परीक्षा देने का फैसला लिया। वह समय पर संत शिरोमणि गुरु रविदास शासकीय महाविद्यालय, सरगांव पहुंचीं और अपनी परीक्षा सफलतापूर्वक दी।
इस दौरान दूल्हे प्रवीण मानिकपुरी और दोनों परिवारों ने चंचल के फैसले का पूरा समर्थन किया। परीक्षा के बाद विवाह की बाकी रस्में दोबारा शुरू की गईं।
28 मार्च 2026 को हुई यह घटना अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है। चंचल ने यह साबित कर दिया कि यदि इरादा मजबूत हो, तो शिक्षा और जिम्मेदारियों को साथ लेकर चलना संभव है। यह घटना युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बनकर सामने आई है।










