रायपुर। राजधानी में नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ पुलिस ने अब तक की रिकॉर्ड कार्रवाई की है। पुलिस कमिश्नरेट के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले आठ महीनों में ड्रंक एंड ड्राइव के 3957 मामलों में कार्रवाई की गई है। वहीं सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने के मामले में 2005 प्रकरण दर्ज कर 2057 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
खास बात यह है कि ड्रंक एंड ड्राइव के सभी मामलों में ट्रैफिक पुलिस ने चालान काटकर आरोपियों को कोर्ट में पेश किया है।
पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने बताया कि सड़क हादसों और अन्य आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए नशे की हालत में वाहन चलाने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, इसी का नतीजा है कि आठ महीनों में ड्रंक एंड ड्राइव के मामलों में रिकॉर्ड कार्रवाई हुई है।
नॉर्थ जोन सबसे आगे
सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वालों के खिलाफ कार्रवाई में नॉर्थ जोन सबसे आगे रहा। यहां 899 प्रकरणों में 901 लोगों पर कार्रवाई की गई। वहीं पश्चिम जोन में 717 प्रकरणों में 766 और रायपुर मध्य जोन में 389 प्रकरणों में 392 लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई।
3 हजार ड्राइवरों के लाइसेंस पर कार्रवाई
ड्रंक एंड ड्राइव समेत अन्य यातायात मामलों में ट्रैफिक पुलिस ने अब तक करीब 3 हजार वाहन चालकों के लाइसेंस निलंबित कराने की कार्रवाई की है। इनमें करीब 2700 लाइसेंस नशे की हालत में वाहन चलाने के मामलों से जुड़े हैं।
वहीं करीब 1200 वाहन चालकों के लाइसेंस निलंबन के लिए परिवहन विभाग को पत्र भेजा गया है। नियमों के तहत लाइसेंस सामान्यतः तीन महीने के लिए निलंबित रहता है। दूसरी बार पकड़े जाने पर कोर्ट के आदेश के अनुसार जेल भेजने का भी प्रावधान है।
पुलिस का साफ संदेश है—
शराब पीकर वाहन चलाया तो सड़क पर नहीं, सीधे कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।










