नई दिल्ली। हरियाणा के फरीदाबाद में एक बड़ी आतंकी साजिश का भंडाफोड़ हुआ है। जम्मू कश्मीर पुलिस और फरीदाबाद पुलिस की संयुक्त कार्यवाही में अल फलाह यूनिवर्सिटी के डॉक्टर मुजम्मिल को गिरफ्तार किया गया। वह पैसे से डॉक्टर है और करीब साढ़े तीन साल से फरीदाबाद में रह रहा था। वह यूनिवर्सिटी कैंपस में ही डॉक्टर के रूप में कार्यरत था। पुलिस को मुजम्मिल के निशानदेही पर एक स्विफ्ट कार मिली, जिसमें से असाल्ट राइफल, तीन मैगजीन और 83 राउंड बरामद हुए। इसके अलावा एक पिस्टल, 8 राउंड 2 मैगजीन और दो खाली खोखे भी बरामद हुए है। यह सारे हथियार उस कार में मिले हैं जो अल फलाह यूनिवर्सिटी में काम करने वाली एक महिला डॉक्टर की बताई जा रही है, फिलहाल पुलिस उससे भी पूछताछ कर रही है।
इस पूरे आतंकी साजिश का सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने मुजम्मिल के बताए एक ठिकाने धौज इलाके में छापा मारा। वहां से करीब 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट मिला, जिसे 8 बड़े और चार छोटे सूटकेस में छुपा कर रखा गया था।
बताया जा रहा है कि यह विस्फोटक करीब 15 दिन पहले ही मुजम्मिल तक पहुंचा था। इस सामग्री को आतंकी कोर्ट वार्ड में सफेद पाउडर कहा जाता है। मुजम्मिल की निशानदेही पर जब पुलिस ने धौज वाले कमरे में सर्च किया, इस दौरान पुलिस को 20 टाइमर और 20 बैटरी भी बरामद हुई है। पुलिस से कहना है मुजम्मिल ने इस कमरे को सिर्फ विस्फोटक छुपाने के लिए किराए पर लिया था।
दूसरी तरफ फतेहपुर की तगा गांव में पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी मिली है, जहां सुबह से चल रही छापेमारी में एक घर से 2563 किलो विस्फोटक बरामद हुआ है। पुलिस के मुताबिक यह घर डॉक्टर मुजम्मिल ने एक मौलाना से किराए पर लिया था। मौलाना को पुलिस ने सुबह ही हिरासत में ले लिया है, उससे पूछताछ कर रही है। बताया जा रहा है कि फतेहपुर धौज गांव दाहोद से करीब 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि मुजम्मिल के जैसे मोहम्मद से संबंध है और पुलिस को इसके पुख्ता सबूत हाथ लगे। एनसीआर में किसी बड़ी आतंकी घटना को अंजाम देने की साजिश रच रहा था। पुलिस ने उसके इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस फोन और डिजिटल रिकॉर्ड भी चेक किए हैं।
बता दे कि डॉक्टर मुजम्मिल को करीब 10 दिन पहले पुलिस ने गिरफ्तार किया था। अब उसकी गिरफ्तारी के बाद मिले सबूत ने पूरे मामले को और भी संगीन बना दिया है।









