रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस की साख पर सवाल खड़े करने वाले एक गंभीर मामले में राज्य शासन ने सख्त कदम उठाया है। एक स्थानीय व्यापारी द्वारा लगाए गए वित्तीय लेनदेन, पद के दुरुपयोग और अवैध संपत्ति अर्जन के आरोपों के बाद राजपुर की उप पुलिस अधीक्षक (DSP) कल्पना वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। गृह (पुलिस) विभाग द्वारा आदेश जारी होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
यह पूरा मामला एक व्यापारी की शिकायत के बाद सामने आया, जिसमें DSP कल्पना वर्मा पर आर्थिक लेनदेन में संलिप्तता के गंभीर आरोप लगाए गए थे। शिकायत के आधार पर कराई गई प्राथमिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए, जिसके बाद शासन ने अनुशासनात्मक कार्रवाई का निर्णय लिया।
प्राथमिक जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि जांच के दौरान दिए गए कथनों और उपलब्ध व्हाट्सएप चैट के तथ्यों में गंभीर विरोधाभास पाए गए। इसके अलावा कर्तव्य निर्वहन के दौरान अवैध आर्थिक लाभ प्राप्त करने और पद का दुरुपयोग कर संपत्ति अर्जित करने के आरोप भी उजागर हुए हैं।
सिविल सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन
गृह विभाग के अनुसार DSP कल्पना वर्मा का आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 के स्पष्ट उल्लंघन की श्रेणी में आता है। इसी आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत उन्हें निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि में नवा रायपुर रहेगा मुख्यालय
निलंबन की अवधि के दौरान DSP कल्पना वर्मा का मुख्यालय पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर (अटल नगर) निर्धारित किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
गृह विभाग का सख्त संदेश, आगे बढ़ सकती है कार्रवाई
यह निलंबन आदेश 5 फरवरी 2026 को छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से गृह (पुलिस) विभाग द्वारा जारी किया गया है। सूत्रों के अनुसार, मामले में विस्तृत विभागीय जांच के बाद और भी कड़ी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है। यह कदम शासन की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।







