रायपुर। प्रदेश में 15 नवंबर से धान खरीदी (paddy procurement) की शुरुआत होने जा रही है, सरकार का दावा है इसके लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है। लेकिन दूसरी तरफ प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (BHUPESH BAGHEL) ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि सरकार ने धान खरीदी की घोषणा तो कर दी है, लेकिन खरीदी से जुड़े तमाम व्यवस्थाएं अब तक पूरी नहीं की गई है।
राज्य सरकार (CM VISHNU DEO SAI) पर निशाना साधते हुए कहा कि, अब तक धान खरीदी के लिए टोकन वितरण शुरू हो जाना चाहिए था, लेकिन अभी तक पोर्टल ही शुरू नहीं हुआ है। इस प्रक्रिया में लगे कर्मचारी खुद हड़ताल पर हैं, जिससे 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होना लगभग असंभव लग रहा है। धान कटाई अभी जोरो पर है सरकार खरीदी शुरू नहीं कर पा रही है। 7 लाखों किसानों का रजिस्ट्रेशन अब तक नहीं हुआ है। इसके साथ ही धान खरीदी के लक्ष्य को भी सरकार ने कम कर दिया है, रकबा भी कम किया जा रहा है। प्रदेश के किसान पहले ही डीएपी खाद की कमी समेत अन्य समस्याओं से लड़ रहे हैं। ऐसे में सरकार की लापरवाही ने उनकी परेशानी में इजाफा किया है।
उन्होंने आगे कहा कि सहकारी बैंक के कर्मचारियों की यही मांग है कि जो पुरानी व्यवस्था थी उसे बहाल किया जाए। हमारी सरकार के दौरान 2021-22 में धान खरीदने के बाद तीन दिन के भीतर किसानों का भुगतान हो जाता था। धान खरीदी केंद्र से तीन दिन के अंदर उठाव हो जाना चाहिए था ये हमने किया था, इस सरकार ने नीति बदल दी।
पूर्व सीएम ने सरकार पर राइस मिलरों पर दबाव बनाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार राइस मिलों पर खराब धन उठाए जाने का दबाव बना रही है, जबकिसरकार जमीनी हकीकत समझना को तैयार नहीं है। उन्होंने हड़ताल कर रहे समिति के कर्मचारियों का समर्थन किया और कहा कि सरकार खुद धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है।









