खैरागढ़। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व विधायक कोमल जंघेल पर एक महिला पदाधिकारी के साथ अभद्रता और अश्लील सामग्री भेजने के गंभीर आरोप लगे। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कर ली है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, भाजपा से जुड़ी एक महिला पदाधिकारी ने 2 फरवरी को पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पूर्व विधायक कोमल जंघेल और उनके ड्राइवर के मोबाइल नंबर से महिला के पति और ससुर को कथित रूप से अश्लील फोटो और वीडियो भेजे गए। इस घटना के बाद पीड़ित परिवार ने इसे मानसिक प्रताड़ना और चरित्र हनन की कोशिश बताया है।
पुलिस की कार्रवाई और धाराएं
शिकायत की गंभीरता को देखते हुए खैरागढ़ पुलिस ने मामले की छानबीन की और कोमल जंघेल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351 (2) (B) सहित सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 77 एवं 79 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उन्हें मुचलका जमानत मिल गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों (मोबाइल फोन) को जब्त कर लिया गया है। डिजिटल डेटा की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सामग्री किस डिवाइस से और कब भेजी गई थी।
कोमल जंघेल का पक्ष: “यह राजनीतिक साजिश है”
इन गंभीर आरोपों पर अपनी सफाई देते हुए पूर्व विधायक कोमल जंघेल ने इन्हें पूरी तरह निराधार बताया है। उन्होंने कहा, “मुझे एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। विरोधियों की मंशा मेरी छवि खराब करने की है। मुझे कानून पर पूरा भरोसा है और जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।”
क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म
खैरागढ़ जैसे शांत क्षेत्र में पूर्व विधायक स्तर के नेता पर इस तरह के व्यक्तिगत और गंभीर आरोप लगने से राजनीतिक गलियारों में खलबली मची हुई है। विपक्षी दल जहां नैतिकता के आधार पर घेराबंदी कर रहे हैं, वहीं भाजपा के भीतर भी इस प्रकरण को लेकर अंदरूनी चर्चाएं तेज हैं।








