गरियाबंद: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में प्रशासनिक मर्यादाओं को तार-तार करने वाला एक शर्मनाक मामला सामने आया है। मैनपुर के SDM तुलसीदास मरकाम को एक ओपेरा डांस कार्यक्रम के दौरान अश्लील डांस पर पैसे उड़ाते और वीडियो बनाते देखा गया। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए SDM को उनके पद से हटाकर कलेक्ट्रेट अटैच कर दिया है।
क्या है पूरा विवाद?
मिली जानकारी के अनुसार, गरियाबंद के अमलीपदर क्षेत्र स्थित ग्राम उरमाल में 5 से 10 दिसंबर तक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति खुद SDM तुलसीदास मरकाम ने दी थी। हालांकि, 9 जनवरी की रात को आयोजित कार्यक्रम में ओडिशा के कटक से आए ‘जय दुर्गा ओपेरा’ की महिला डांसरों ने अर्धनग्न अवस्था में बेहद अश्लील डांस पेश किया।
हैरानी की बात यह रही कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के जिम्मेदार अधिकारी, SDM मरकाम और पुलिस विभाग के अधिकारी खुद मर्यादा भूल गए। वायरल वीडियो में अधिकारी न केवल नोट उड़ाते दिखे, बल्कि खुद मोबाइल से वीडियो भी बना रहे थे।
कलेक्टर और एसपी का कड़ा एक्शन
जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर फैला, प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर भगवान सिंह उइके ने SDM तुलसीदास मरकाम को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर जिला मुख्यालय में अटैच कर दिया है। एसपी वेदव्रत सिरमौर ने अनुशासनहीनता के आरोप में वहां मौजूद दो पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। प्रशासन ने इसे ‘सरकारी आचरण नियमों’ का गंभीर उल्लंघन माना है।
जांच के लिए कमेटी गठित
कलेक्टर ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए एडिशनल कलेक्टर की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय जांच समिति बनाई है। यह कमेटी अपनी रिपोर्ट कमिश्नर को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की दंडात्मक कार्रवाई और बर्खास्तगी की फाइल तैयार की जाएगी। फिलहाल देवभोग एसडीएम राम सिंह सोरी को मैनपुर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
आयोजकों पर भी गिरी गाज
इस अश्लील प्रदर्शन को बढ़ावा देने और नियमों के उल्लंघन के मामले में पुलिस ने कार्यक्रम के आयोजकों पर भी एफआईआर (FIR) दर्ज की है। प्रशासन का कहना है कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों के नाम पर फूहड़ता और अश्लीलता फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।









