नई दिल्ली। ई-रिक्शा चालकों और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर को BAT-BMS, Epoch-i-ion और Lossigy नाम के तीन मोबाइल ऐप्स को तत्काल प्रभाव से अपने प्लेटफॉर्म से हटाने के निर्देश दिए हैं।
क्या था मामला?
हाल के दिनों में खासकर दिल्ली-एनसीआर समेत कई इलाकों से शिकायतें मिली थीं कि चलते-चलते ई-रिक्शा अचानक बंद हो रहे हैं। जांच में सामने आया कि कुछ लोग और सोशल मीडिया पर कंटेंट बनाने वाले इन ऐप्स का कथित रूप से गलत इस्तेमाल कर ई-रिक्शा की बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) तक ब्लूटूथ के जरिए पहुंच बना रहे थे।
बताया गया कि जिन ई-रिक्शा की लिथियम-आयन बैटरियों के BMS में पर्याप्त सुरक्षा या पासवर्ड नहीं था, उन्हें 10 से 15 मीटर की दूरी से कनेक्ट कर पावर सप्लाई बंद की जा सकती थी। इससे वाहन बीच सड़क पर रुक जाता था, जिससे दुर्घटना और सुरक्षा संबंधी खतरे की आशंका बढ़ जाती थी।
सरकार ने दिए सख्त निर्देश
आईटी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने बताया कि मामला सामने आते ही दोनों प्रमुख ऐप स्टोर को संबंधित ऐप्स हटाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी है कि वे ऐसे ऐप्स उपलब्ध न कराएं, जिनका इस्तेमाल आम लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालने या गैर-कानूनी गतिविधियों के लिए किया जा सकता हो।
सरकार अब ऐप स्टोर के लिए नए और अधिक सख्त दिशा-निर्देश तैयार करने पर भी विचार कर रही है, ताकि भविष्य में इस तरह के संभावित जोखिमों को रोका जा सके।
चालकों के लिए सुरक्षा सलाह
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने ई-रिक्शा चालकों को सलाह दी है कि वे अपने बैटरी सर्विस सेंटर जाकर ब्लूटूथ का डिफॉल्ट पासवर्ड बदलवाएं या उपलब्ध सुरक्षा फीचर्स को सक्रिय कराएं। इससे किसी अनधिकृत व्यक्ति के लिए वाहन के बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम तक पहुंच बनाना मुश्किल होगा और सुरक्षा जोखिम कम होंगे।








