छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में अंतिम चालान कोर्ट में पेश कर दिया है। ईडी ने करीब 29 हजार 800 से अधिक पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें 82 आरोपियों को नामजद किया गया है। यह चालान सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद कोर्ट में प्रस्तुत किया गया है।
कई बड़े नाम पहले ही हो चुके हैं गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले में अब तक कई प्रभावशाली और बड़े नामों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें
- पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे चैतन्य बघेल,
- पूर्व मंत्री कवासी लखमा,
- पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा,
- और पूर्व मुख्यमंत्री की उपसचिव रह चुकी सौम्या चौरसिया
जैसे नाम शामिल हैं।
इन गिरफ्तारियों के बाद से ही यह मामला प्रदेश की राजनीति में लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।
3200 करोड़ रुपये से ज्यादा का घोटाला
जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह शराब घोटाला 2018 से 2023 के बीच कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुआ। ईओडब्ल्यू (EOW) द्वारा दाखिल चार्जशीट में बताया गया है कि प्रदेश में करीब 3200 करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला किया गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि घोटाले से अर्जित धन का इस्तेमाल आरोपियों ने अपने रिश्तेदारों और करीबियों के नाम पर करोड़ों रुपये की जमीन और संपत्तियां खरीदने में किया।
आगे बढ़ेगी कानूनी कार्रवाई
ईडी द्वारा अंतिम चालान पेश किए जाने के बाद अब मामले में कोर्ट की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है। जांच एजेंसियों का दावा है कि उन्होंने पुख्ता सबूतों के आधार पर चार्जशीट दाखिल की है। वहीं, यह मामला छत्तीसगढ़ की राजनीति में आने वाले समय में और भी बड़ा सियासी मुद्दा बन सकता है।









