रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel के बेटे चैतन्य बघेल ने जेल की स्थिति को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता और कांग्रेस नेता Kapil Sibal के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान चैतन्य ने दावा किया कि जेल में बिताए गए 170 दिन “किसी दुःस्वप्न से कम नहीं थे।”
“10×7 के आइसोलेटेड सेल में रखा गया”
चैतन्य बघेल ने आरोप लगाया कि उन्हें 10 बाई 7 फीट के एक अलग-थलग सेल में रखा गया था, जहां खाने और शौचालय की अलग व्यवस्था नहीं थी। उन्होंने कहा कि पीने के पानी में अक्सर कीड़े मिलते थे और पानी की कमी के कारण कुछ कैदियों को नाली का पानी रोककर शौचालय के लिए उपयोग करना पड़ता था।
चिकित्सा सुविधाओं पर सवाल
चैतन्य ने जेल प्रशासन पर मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कहा कि चिकित्सा सुविधाएं बेहद खराब थीं। उनके मुताबिक, अस्वस्थ कैदियों को प्रशिक्षित डॉक्टरों की बजाय अन्य कैदी इंजेक्शन लगाते, कैनुला चढ़ाते और ड्रेसिंग करते थे।
उन्होंने पूर्व मंत्री Kawasi Lakhma का उदाहरण देते हुए दावा किया कि सीने में दर्द की शिकायत के बावजूद उन्हें अस्पताल नहीं भेजा गया, जब तक उनके पिता ने डीजीपी को पत्र नहीं लिखा। साथ ही, उन्होंने कांग्रेस नेता जीवन लाल ठाकुर की जेल में हुई मौत का जिक्र करते हुए भी प्रशासन पर सवाल उठाए।
ईडी की गिरफ्तारी और जमानत
गौरतलब है कि Enforcement Directorate (ईडी) ने 18 जुलाई 2025 को कथित मनी लॉन्ड्रिंग और शराब घोटाले के मामले में चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप है कि घोटाले की रकम को रियल एस्टेट में निवेश किया गया।
2 जनवरी 2026 को हाईकोर्ट से उन्हें जमानत मिली और 3 जनवरी को वे रिहा हुए।
भाजपा में शामिल होने का दावा
इसी पॉडकास्ट में भूपेश बघेल ने यह भी दावा किया कि उन्हें प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah की ओर से भाजपा में शामिल होने का प्रस्ताव मिला था।
बघेल के अनुसार, “मुझसे पूछा जाता था कि कौन-कौन से केस चल रहे हैं और कैसे मदद की जा सकती है। जब मैंने विपक्ष का धर्म निभाने की बात कही, तो कुछ ही दिनों में मेरे यहां छापे पड़ने लगे।”
हालांकि, इन आरोपों पर अभी तक संबंधित एजेंसियों या भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामला अब राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है।









