रायपुर में पुलिस ने कॉल सेंटर की आड़ में चल रहे एक बड़े इंटरनेशनल ठगी रैकेट का खुलासा करते हुए करीब 40 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये जालसाज खुद को Amazon और Apple के कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताकर अमेरिका और यूरोप के नागरिकों को निशाना बना रहे थे।
कई ठिकानों पर पुलिस की छापेमारी
पुलिस ने गंज थाना क्षेत्र के पिथालिया कॉम्प्लेक्स और राजेंद्र नगर इलाके में स्थित अंजली टॉवर समेत चार अलग-अलग फ्लोर पर संचालित कॉल सेंटरों में छापा मारा। मुखबिर की सूचना और लंबी निगरानी के बाद यह बड़ी कार्रवाई की गई।
रात में चलता था ठगी का खेल
यह कॉल सेंटर रात के समय संचालित किया जाता था, ताकि अमेरिकी और यूरोपीय टाइम ज़ोन के हिसाब से लोगों से संपर्क किया जा सके। आरोपियों द्वारा लोन दिलाने, रिफंड प्रोसेस और टेक्निकल सपोर्ट के नाम पर ठगी की जाती थी।
गूगल सर्च का इस्तेमाल कर फंसाते थे शिकार
जांच में सामने आया है कि गिरोह फर्जी कस्टमर केयर नंबर इंटरनेट पर इस तरह अपलोड करता था कि वे गूगल सर्च में ऊपर दिखाई दें। जब विदेशी नागरिक मदद के लिए कॉल करते थे, तो कॉल सेंटर के डायलर उनसे संपर्क कर ठगी को अंजाम देते थे।
Google Translate बना हथियार
चौंकाने वाली बात यह है कि कॉल सेंटर में काम करने वाले कई युवाओं को अंग्रेजी ठीक से नहीं आती थी। वे Google Translate की मदद से हिंदी-इंग्लिश मैसेज ट्रांसलेट कर विदेशी ग्राहकों से बातचीत करते थे।
कम सैलरी में करते थे काम
पकड़े गए अधिकांश आरोपी 20 से 25 साल के युवा हैं, जिन्हें अलग-अलग एजेंसियों के जरिए हायर किया गया था। इनकी सैलरी महज 15 से 20 हजार रुपए बताई जा रही है।
मास्टरमाइंड की तलाश जारी
इस पूरे रैकेट का असली संचालक अभी सामने नहीं आया है, हालांकि जांच में अहमदाबाद निवासी एक संदिग्ध का नाम सामने आया है। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है और जल्द ही बड़ा खुलासा कर सकती है।










