रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) ने प्रशासन की वर्षों पुरानी लापरवाही की पोल खोल दी है। जिले की सात विधानसभा सीटों की मतदाता सूची में ऐसी विसंगतियां मिली हैं, जिन्हें सुनकर हर कोई हैरान है। कहीं दस्तावेजों में बेटे की उम्र पिता से ज्यादा दर्ज है, तो कहीं दादा अपने पोते से भी छोटे नजर आ रहे हैं। इन त्रुटियों को सुधारने के अभियान के तहत अब तक जिले के 5.28 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा चुके हैं। वहीं, 1.33 लाख लोगों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
रिश्तों के गणित में उलझा चुनाव विभाग
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि करीब 2.15 लाख मतदाताओं के पिता के नाम और उम्र का मिलान सरकारी रिकॉर्ड से नहीं हो रहा है। इसके अलावा 6,040 मामलों में आधार कार्ड और वोटर लिस्ट की उम्र अलग पाई गई। 57,709 मामलों में पिता का नाम गलत दर्ज मिला। रायपुर ग्रामीण में अकेले 10,466 मामलों में माता-पिता की उम्र में विसंगति पाई गई।
विधानसभावार त्रुटियों का डेटा: एक नजर में
मतदाता सूची में सुधार के दौरान रायपुर ग्रामीण और आरंग जैसे क्षेत्रों में सबसे ज्यादा गलतियां पकड़ी गई हैं:
| विधानसभा | पिता के नाम/उम्र में त्रुटियां | हटाए गए नाम |
| रायपुर ग्रामीण | 57,709 | 1,34,252 |
| रायपुर दक्षिण | 45,867 | 89,240 |
| रायपुर उत्तर | 26,448 | 74,146 |
| रायपुर पश्चिम | 40,350 | – |
| आरंग | 61,431 | 39,702 |
| अभनपुर | 61,236 | 20,793 |
| धरसींवा | 58,858 | 37,632 |
आवेदन कम, कटौतियां ज्यादा
हैरानी की बात यह है कि जहां 5 लाख से ज्यादा नाम हटाए गए, वहीं सुधार या नए नाम जोड़ने के लिए आवेदनों की संख्या काफी कम रही। कुल 24,267 आवेदन ही प्राप्त हुए हैं, जिनमें:
- फार्म-6 (नए नाम): 16,590
- फार्म-7 (नाम हटाना): 709
- फार्म-8 (सुधार): 6,968
21 फरवरी को होगा अंतिम प्रकाशन
निर्वाचन विभाग के अनुसार, दावा-आपत्ति की प्रक्रिया 22 जनवरी को समाप्त हो चुकी है। अब 14 फरवरी तक दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। 21 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन पात्र मतदाताओं के नाम कटे हैं, वे अभी भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना नाम जुड़वा सकते हैं।









