रायपुर। प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों को वहीं की फार्मेसी से दवा खरीदना अब अनिवार्य नहीं होगा। खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। नए आदेश के मुताबिक, अस्पतालों में यह तख्ती लगाना अनिवार्य होगा – ‘दवाई यहां से खरीदना अनिवार्य नहीं है’।
अस्पतालों की मनमानी पर लगेगा रोक
इस आदेश से निजी अस्पतालों की दवा दुकानों की मनमानी पर रोक लगेगी। अक्सर शिकायतें आती थीं कि डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवा केवल अस्पताल की फार्मेसी में एमआरपी के हिसाब से उपलब्ध होती थी। मरीज और उनके अटेंडर पर भी दबाव बनाया जाता था कि दवा अस्पताल की ही अधिकृत दुकान से ही खरीदी जाए।
दवा संगठन भी पहले कर चुका था ऐतराज
रायपुर जिला दवा विक्रेता संघ के अध्यक्ष विनय कृपलानी ने कहा कि यह आदेश लंबे समय से चली आ रही समस्या पर प्रभावी अंकुश लगाएगा। उनका कहना है कि निजी अस्पतालों की फार्मेसियों के कारण मरीजों को बाजार भाव से अधिक दामों पर दवा खरीदनी पड़ती थी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का संदर्भ
सामाजिक कार्यकर्ता वासुदेव जोतवानी द्वारा मरीजों पर अधिकृत दुकान से दवा खरीदने के दबाव की शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का हवाला देते हुए यह आदेश जारी किया गया। औषधि विभाग ने स्पष्ट किया कि अस्पतालों की दवा दुकानों से खरीद के लिए दबाव की शिकायत विभाग में दर्ज कराई जा सकती है।









