बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान के डेडलाइन के अंतिम दिन बड़ी सफलता मिली है। 25 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण करते हुए कुल 93 हथियार सुरक्षा बलों को सौंपे। नक्सलियों की निशानदेही पर पुलिस ने 7.2 किलो सोना और 2.90 करोड़ रुपये नगद बरामद किए हैं।
सुकमा में भी दो नक्सलियों ने सरेंडर किया, जिनकी इनामी राशि 8-8 लाख रुपये थी। सुरक्षा बलों की सघन सर्चिंग अभियान के कारण नक्सली हथियार और कैश जंगलों में छिपाकर पीछे हटने को मजबूर हुए थे। शासन की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वालों से मिली जानकारी के आधार पर विशेष अभियान चलाया गया और भारी मात्रा में नकद और हथियार बरामद हुए।
बीजापुर एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि नक्सल डंप में नगद 10 लाख रुपये और ऑटोमैटिक हथियार बरामद करना सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता है। उन्होंने कहा कि नक्सल संगठन लगभग समाप्त हो चुका है और शासन की योजनाएं दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुँच रही हैं।
31 मार्च 2026 ‘नक्सल मुक्त बस्तर’ संकल्प की समय-सीमा का अंतिम दिन है। आत्मसमर्पण करने वाले पूर्व नक्सलियों को शासन की पुनर्वास नीति के तहत आर्थिक सहायता, सुरक्षा, कौशल प्रशिक्षण और सम्मानजनक जीवन की सुविधा दी जाएगी।










