Trendingछत्तीसगढबड़ी खबर

बिलासपुर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: भिलाई के पूर्व पार्षद मोहम्मद सलमान की याचिका खारिज, चंदन यादव का निर्वाचन वैध घोषित

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भिलाई नगर निगम के वार्ड-35 (शारदा पारा) से जुड़े बहुचर्चित पार्षद विवाद में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने पूर्व पार्षद मोहम्मद सलमान की याचिका को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने डिविजनल कमिश्नर द्वारा सलमान को पार्षद पद से हटाने के आदेश और राज्य सरकार के अपीलीय फैसले को पूरी तरह सही ठहराया है।

क्या था पूरा मामला?

यह पूरा विवाद वर्ष 2021 के भिलाई नगर निगम चुनाव से जुड़ा है। वार्ड-35 की सीट अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए आरक्षित थी। मोहम्मद सलमान ने खुद को कुंजड़ा जाति का बताकर चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी।

चुनाव के बाद चंदन यादव और अन्य लोगों ने सलमान के सामाजिक स्थिति (जाति) प्रमाण पत्र की वैधता पर सवाल उठाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी।

जांच में हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा

एसडीओ (राजस्व) द्वारा की गई जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि सलमान द्वारा पेश किया गया प्रमाण पत्र सक्षम प्राधिकारी के कार्यालय के रिकॉर्ड में उनके नाम से दर्ज ही नहीं था। प्रमाण पत्र पर जो राजस्व प्रकरण क्रमांक दर्ज था, वह किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर था।

इसी आधार पर 6 मई 2024 को डिविजनल कमिश्नर ने मोहम्मद सलमान को पार्षद पद से हटाने का आदेश दिया। इसके बाद 4 सितंबर 2024 को राज्य सरकार ने भी उनकी अपील खारिज कर दी थी, जिसके खिलाफ सलमान ने हाईकोर्ट में याचिका (WPC 5555/2024) दायर की थी।

हाईकोर्ट की मुख्य टिप्पणियां:

  • कमेटी के पास भेजना जरूरी नहीं: जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की एकलपीठ ने स्पष्ट किया कि जब जारी करने वाले अधिकारी ने खुद कह दिया कि ऐसा कोई प्रमाण पत्र उनके दफ्तर से जारी ही नहीं हुआ और नंबर किसी और का है, तो यह केवल जाति सत्यापन का मामला नहीं रहता। ऐसे मामलों में दस्तावेज को हाई पावर कास्ट स्क्रूटिनी कमेटी के पास भेजना अनिवार्य नहीं है।
  • कार्रवाई वैध: कोर्ट ने कहा कि छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 19(1)(a-1) के तहत कमिश्नर को यह जांचने का पूरा अधिकार है कि आरक्षित सीट पर चुना गया प्रतिनिधि पात्रता रखता है या नहीं।

चंदन यादव का निर्वाचन वैध घोषित

सलमान के हटने के बाद वार्ड-35 सीट पर 20 जनवरी 2025 को उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई, जिसमें चंदन यादव निर्विरोध निर्वाचित हुए और 31 जनवरी 2025 को उन्हें प्रमाण पत्र मिला। हालांकि हाईकोर्ट में मामला लंबित होने के कारण उन्हें शपथ नहीं दिलाई गई थी।

हाईकोर्ट ने मोहम्मद सलमान की याचिका खारिज करने के साथ ही चंदन यादव की याचिका (WPC 1808/2025) को स्वीकार कर लिया और वार्ड-35 से उनके निर्वाचन को पूरी तरह वैध व कानून सम्मत घोषित कर दिया है। आरक्षित सीटों पर फर्जी या अमान्य प्रमाण पत्रों के खिलाफ यह फैसला एक कड़ा और अहम उदाहरण माना जा रहा है।

Related Posts

कथित जहरीली शराब से 8 लोगों की मौत का मामला, एसपी ऑफिस पहुंचे परिजन और ग्रामीण, अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग

बलौदाबाजार। जिले के कसडोल थाना क्षेत्र के ग्राम पुराना खरवे में हुए चर्चित कथित…

1 of 444