बैकुंठपुर (कोरिया): छत्तीसगढ़ के सूरजपुर वन विश्राम गृह में हुए कथित अश्लील डांस का मामला अब राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया है। प्रदेश के कद्दावर नेता और कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने इस गंभीर मुद्दे पर एक ऐसा बयान दिया है, जिससे सियासी गलियारों और सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है। मंत्री ने कथित अश्लीलता को ‘विविध क्षेत्र की कला’ करार देते हुए सवाल पूछने वालों पर ही तंज कस दिया।
“कला में क्या सिर्फ सीताराम-सीताराम जाप होता है?”
बैकुंठपुर में पत्रकारों से चर्चा के दौरान जब मंत्री नेताम से सूरजपुर रेस्ट हाउस के वायरल वीडियो के बारे में सवाल पूछा गया, तो उन्होंने हंसते हुए कहा- “कला तो विविध क्षेत्र की कला ही है। अगर रेस्ट हाउस में भी कला जागृत हो जा रही है तो क्या कहेंगे?”
उन्होंने आगे कहा, “कला में खाली क्या सीताराम-सीताराम जाप होता है? स्कूलों में, फिल्मों में और प्रवचनों की धुन पर भी लोग झूमते हैं। अब गेस्ट हाउस में भी यदि उनकी कला जागृत हो गई तो उसे क्या कहेंगे। वहां ठुमके लग रहे थे तो आपको किसने बोला था कि आप जाकर फोटो लो?”
सोशल मीडिया पर वायरल और आक्रोश
मंत्री का यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। एक ओर जहां लोग इसे ‘गैर-जिम्मेदाराना’ बता रहे हैं, वहीं विपक्ष ने इसे अश्लीलता को सरकारी संरक्षण देने वाला बयान करार दिया है। गौरतलब है कि इसी मामले के बाद वन विभाग ने प्रदेश के सभी विश्राम गृहों में CCTV कैमरे लगाने और बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगाने का कड़ा आदेश जारी किया है।
सियासी माहौल गरमाया
छत्तीसगढ़ में बीते कुछ दिनों से अलग-अलग जिलों से सरकारी परिसरों में अश्लील डांस के वीडियो सामने आ रहे हैं। ऐसे में एक जिम्मेदार पद पर बैठे मंत्री का इस घटना को ‘कला’ से जोड़ना और तंज कसना, सरकार के लिए बचाव की स्थिति पैदा कर सकता है। सामाजिक संगठनों ने भी इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए इसे मर्यादित आचरण के खिलाफ बताया है।








