भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा सोमवार को छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने ‘जनादेश परब’ कार्यक्रम में जनता को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। नड्डा ने झीरम घाटी कांड को लेकर कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए, जिससे प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है।
जेपी नड्डा ने कहा कि झीरम घाटी में हुए माओवादी हमले में कांग्रेस के ही लोगों ने अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को मरवाने का काम किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना की जानकारी कांग्रेस के अंदरूनी लोगों को पहले से थी। नड्डा ने तीखे शब्दों में कहा,
“जब रक्षक ही भक्षक बन जाए, तो फिर क्या होगा? कांग्रेस ने माओवादियों का तुष्टिकरण किया।”
उन्होंने यह भी कहा कि यह पहली बार है जब झीरम घाटी कांड में भाजपा के किसी शीर्ष नेता ने इतनी स्पष्टता से कांग्रेस को कटघरे में खड़ा किया है।
“डबल इंजन सरकार माओवाद को जड़ से खत्म करेगी”
जेपी नड्डा ने कहा कि केंद्र और राज्य में डबल इंजन की सरकार बनने के बाद माओवाद के खिलाफ निर्णायक अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने दावा किया कि मार्च 2026 तक देश से माओवादी हिंसा समाप्त कर दी जाएगी।
नड्डा ने बताया कि वर्तमान में माओवादी हिंसा के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों में बड़ी सफलता मिली है। अब तक करीब 2500 माओवादी मारे जा चुके हैं और 1853 को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि हिड़मा और वसव राजू जैसे कुख्यात माओवादियों को ढेर करना भाजपा सरकार की बड़ी उपलब्धि है।
क्या था झीरम घाटी कांड
गौरतलब है कि वर्ष 2013 में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने सत्ता में वापसी के लिए परिवर्तन यात्रा शुरू की थी।
25 मई 2013 को जब यह यात्रा सुकमा से जगदलपुर लौट रही थी, तब झीरम घाटी के पास माओवादियों ने बड़ा हमला किया। इस हमले में तत्कालीन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, उनके पुत्र दिनेश पटेल सहित कई वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता और सुरक्षाकर्मी मारे गए थे। इस घटना में 30 से अधिक लोगों की जान गई थी, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था।
भूपेश बघेल पर भी साधा निशाना
जेपी नड्डा ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने माओवादियों से समझौता कर तुष्टिकरण की नीति अपनाई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की इसी नीति ने राज्य को लंबे समय तक माओवादी हिंसा में झोंके रखा।
मंच पर रहे कई दिग्गज नेता मौजूद
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू सहित राज्य मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य और भाजपा के वरिष्ठ नेता भी उपस्थित रहे।
भूपेश बघेल का तीखा पलटवार
जेपी नड्डा के आरोपों पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने झीरम घाटी जैसे हमलों में अपने शीर्ष नेताओं को खोया है और इस तरह के आरोप बलिदानियों का अपमान हैं।
भूपेश बघेल ने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस सरकार झीरम घाटी हमले के पीछे की साजिश की जांच कराना चाहती थी, तब भाजपा ने कोर्ट के माध्यम से जांच क्यों रुकवाई?
उन्होंने आगे पूछा कि भाजपा षड्यंत्रकारियों के चेहरे सामने आने से क्यों डर रही थी। साथ ही उन्होंने मांग की कि अब जब झीरम घाटी हमले से जुड़े कथित आरोपी हिरासत में हैं, तो वर्तमान सरकार को उनसे इस गहरी साजिश के बारे में सख्ती से पूछताछ करनी चाहिए।
सियासी घमासान तेज
जेपी नड्डा के बयान और भूपेश बघेल के पलटवार के बाद झीरम घाटी कांड को लेकर एक बार फिर छत्तीसगढ़ की राजनीति में सियासी घमासान तेज हो गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।









