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कांकेर में नक्सल उन्मूलन निर्णायक मोड़ पर, 19 नक्सलियों के आत्मसमर्पण की तैयारी

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है, जहां नक्सल उन्मूलन अभियान अब अपने अंतिम चरण में पहुंचता नजर आ रहा है। सूत्रों के मुताबिक, आने वाले कुछ दिनों में जिले को पूरी तरह नक्सलमुक्त घोषित किया जा सकता है। इस बीच 19 नक्सलियों के आत्मसमर्पण की तैयारी ने सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता के करीब ला दिया है।

पखांजूर क्षेत्र में सक्रिय नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका लगने वाला है। जानकारी के अनुसार, एसीएम रूपी रेड्डी और डीवीसीएम चंदर कतलाम समेत कुल 19 नक्सली जल्द आत्मसमर्पण कर सकते हैं। ये सभी कंपनी नंबर 5 और परतापुर एरिया कमिटी से जुड़े बताए जा रहे हैं।

वहीं, नक्सल मोर्चे पर एक ऐतिहासिक सफलता भी दर्ज की गई है। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी क्षेत्र के घने जंगलों में फैला करीब 40 वर्षों का नक्सली आतंक अब समाप्त हो चुका है। उइकाटोला जंगलों से आरकेबी डिवीजन के 5 सशस्त्र नक्सली हथियारों सहित आत्मसमर्पण के लिए कांकेर पहुंचे हैं, जिसे क्षेत्र में शांति और स्थिरता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

समर्पण करने वाले नक्सलियों के पास से एक SLR और दो .303 रायफल समेत अन्य सामग्री बरामद की गई है। आत्मसमर्पण करने वालों में एसीएम मंगेश, गणेश उइका, राजे, हिड़मे उर्फ जमाली और मंगति शामिल हैं। इन सभी पर विभिन्न नक्सली गतिविधियों में शामिल होने के चलते इनाम घोषित था।

मोहला-मानपुर और आसपास के इलाकों ने बीते चार दशकों में नक्सलवाद की गंभीर त्रासदी झेली है। विस्फोट, अपहरण, जनप्रतिनिधियों की हत्या और ग्रामीणों पर अत्याचार जैसी घटनाएं यहां आम रही हैं। 1985 के आसपास आंध्र प्रदेश से आए नक्सलियों ने इस क्षेत्र में धीरे-धीरे अपनी पकड़ मजबूत कर ली थी और वर्षों तक भय का माहौल कायम रखा।

अब इन पांच नक्सलियों के आत्मसमर्पण के साथ मोहला-मानपुर-औंधी संयुक्त एरिया कमिटी पूरी तरह नक्सलमुक्त हो गई है। सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, जिससे क्षेत्र में विकास कार्यों और जनविश्वास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

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