बीजापुर: पामेड़ थाना इलाके के एर्रापल्ली गांव में नक्सलियों ने एक बार फिर कायराना वारदात को अंजाम दिया। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, नक्सलियों के स्मॉल एक्शन ग्रुप ने ग्रामीण बुदरा की हत्या कर दी। वारदात में धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया गया और हत्या के तुरंत बाद माओवादी मौके से फरार हो गए।
पूर्व माओवादी बुदरा, सरेंडर के बाद जी रहा था सामान्य जीवन
जानकारी के अनुसार मृतक बुदरा पहले माओवादी था। सरकार की पुनर्वास नीति के तहत उसने सरेंडर कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का निर्णय लिया था। बुदरा खेती-किसानी करके अपने और अपने परिवार का पेट चलाता था।
घटना के दिन शुक्रवार को बुदरा अपने घर में सो रहा था, तभी नक्सलियों ने घर पर दबिश दी। परिवार ने दरवाजा खोला तो नक्सली घर में घुस आए। उन्होंने बुदरा को पकड़कर घर से बाहर निकाला और उसकी नृशंस हत्या कर दी।
हत्या के बाद इलाके में दहशत और गुस्सा
हत्या के बाद एर्रापल्ली गांव में सन्नाटा और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों में गुस्सा है, क्योंकि बुदरा न केवल समाज में शामिल हुआ था, बल्कि सरेंडर के बाद एक सामान्य जीवन जी रहा था।
माओवादी मुखबिरी के शक में हत्या कर सकते हैं
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि बुदरा की हत्या मुखबिरी के शक में की गई हो सकती है। हालांकि, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस ने शुरू किया सघन सर्च ऑपरेशन
हत्या की वारदात के बाद पामेड़ पुलिस और सुरक्षा बलों ने सघन सर्च अभियान शुरू किया है। घटनास्थल से हत्या से जुड़े कई सबूत भी जुटाए गए हैं।
एंटी नक्सल ऑपरेशन से बढ़ रही नक्सलियों की घबराहट
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, एंटी नक्सल ऑपरेशन के दबाव में माओवादी गांव में मारकाट और हत्या जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। बुदरा की हत्या इसी दबाव और घबराहट का परिणाम मानी जा रही है।









