फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने गुरुवार को दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट में शिरकत की. इस दौरान मैक्रों ने राफेल को लेकर भी बड़ा बयान दिया. इस दौरान जब मैक्रों से जब राफेल को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि लोग इसकी आलोचना क्यों करते हैं. इससे आपके देश को मजबूती मिली है.
मैक्रों ने भारत के साथ 114 राफेल लड़ाकू विमानों की डील का बचाव करते हुए कहा कि इस समझौते को लेकर उठ रही आलोचनाओं को खारिज किया. उन्होंने कहा कि ये फाइटर जेट भारत को सैन्य रूप से और अधिक मजबूत बनाते हैं और दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करते हैं.
मैक्रों ने कहा कि इस डील का व्यावसायिक पहलू दसॉल्ट एविएशन और आपकी सरकार के बीच संवाद का हिस्सा है. मुझे समझ नहीं आता कि लोग इसकी आलोचना कैसे कर सकते हैं क्योंकि यह आपके देश को मजबूत बनाता है. हमारे बीच रणनीतिक संबंधों को बढ़ाता है और यहां अधिक रोजगार भी पैदा करता है.
बता दें कि मैक्रों का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब एक हफ्ते पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को मंजूरी दी थी. करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये की इस मेगा डील को मैक्रों की भारत यात्रा से ठीक पहले हरी झंडी मिली.
भारत-फ्रांस रक्षा सहयोग की सराहना करते हुए मैक्रों ने कहा कि हम इस बात के लिए बेहद प्रतिबद्ध हैं कि अधिकतम भारतीय पुर्जों का इस्तेमाल हो और अधिक से अधिक महत्वपूर्ण उपकरणों का निर्माण भारत में ही किया जाए. यही तर्क टाटा-एयरबस डील के पीछे भी था इसलिए हम राफेल के मामले में भी यही करेंगे. आप हम पर भरोसा कर सकते हैं.










