बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में मादक पदार्थ अफीम की अवैध खेती का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। जिले के कुसमी थाना क्षेत्र के त्रिपुरी गांव में करीब दो एकड़ जमीन पर अफीम की खेती किए जाने की जानकारी मिली है। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है, वहीं जांच के लिए एनसीबी (नारकोटिक्स) की टीम को भी बुलाया गया है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दो ग्रामीण रूपदेव और कौनशील के खेत को लीज पर लेकर अफीम की खेती कराई जा रही थी। बताया जा रहा है कि खेती कराने के लिए झारखंड से मजदूरों को बुलाया गया था। पुलिस ने मामले में अब तक 7 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
अफीम के पौधे उखाड़े जा रहे
जिले के एसपी वैभव बैंकर ने बताया कि पुलिस की कार्रवाई जारी है और खेत में लगे अफीम के पौधों को उखाड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई पूरी होने के बाद पूरे मामले की विस्तृत जानकारी मीडिया को दी जाएगी।
सीमावर्ती इलाके का उठाया फायदा
बताया जा रहा है कि त्रिपुरी गांव झारखंड और जशपुर जिले की सीमा से सटा सुदूरवर्ती इलाका है। आशंका जताई जा रही है कि इसी दूरस्थ इलाके का फायदा उठाकर यहां अफीम की खेती की गई।
इधर, मामले की जानकारी मिलने पर कांग्रेस द्वारा गठित जांच दल भी मौके पर पहुंचा। पूर्व विधायक प्रीतम राम के नेतृत्व में पहुंचे दल ने क्षेत्र का निरीक्षण कर ग्रामीणों से जानकारी ली।








