रायपुर, 13 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता चैतन्य बघेल द्वारा जेल में सुविधाओं को लेकर लगाए गए आरोपों ने सियासी माहौल को गरमा दिया है। वहीं राज्य के गृह मंत्री विजय शर्मा ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा है।
चैतन्य बघेल ने मीडिया से बातचीत में जेल व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि कैदियों को साफ-सुथरा पानी तक उपलब्ध नहीं कराया जाता। बघेल ने आरोप लगाया, “जेल में कीड़े वाला पानी दिया गया। कैदियों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा जाता है।” उन्होंने यह भी कहा कि जेल में स्वास्थ्य सुविधाएं संतोषजनक नहीं हैं और कैदियों को इंजेक्शन लगाए जाते थे, साथ ही शौचालय के पास रहने को मजबूर किया जाता है।
इन आरोपों के सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। गृह मंत्री विजय शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि जेल की परिस्थितियों को लेकर बेवजह राजनीति की जा रही है। उन्होंने कहा, “आपको कहां-कहां राजनीति करनी है और कहां नहीं करनी है, यह समझना चाहिए। वही जेल है, वही सेल है। वहां मैं भी था।”
गृह मंत्री ने अपने अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने जेल से बाहर आने के बाद कभी इस प्रकार के आरोप नहीं लगाए। “जब मैं बाहर आया तो मैंने यह नहीं कहा कि वहां ऐसा है या वैसा है। जबरदस्ती किसी मुद्दे पर राजनीति करना कांग्रेस का तरीका है,” शर्मा ने कहा।
इसी दौरान कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव के हालिया बयानों का जिक्र करते हुए विजय शर्मा ने कानून व्यवस्था के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की आलोचना राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से की जा रही है।
गृह मंत्री ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “टीचर्स डे पर शिक्षक के साथ दुष्कर्म की घटना हुई थी, तब वे कहां थे? पाटन विधानसभा क्षेत्र में सामूहिक हत्याएं हुई थीं, उस समय भूपेश बघेल मुख्यमंत्री थे, तब वे कहां थे?”
जेल व्यवस्था को लेकर लगाए गए आरोपों और सरकार की प्रतिक्रिया के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर तीखा टकराव देखने को मिल रहा है। अब देखना होगा कि यह मुद्दा जांच या तथ्यात्मक स्पष्टीकरण तक पहुंचता है या सियासी बयानबाजी तक ही सीमित रहता है।









