रायपुर: राजधानी रायपुर में पुलिस और जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। हत्या के प्रयास के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी साहेब कुमार ताती इलाज के दौरान हथकड़ी में होने के बावजूद फरार हो गए।
फरारी कैसे हुई?
जानकारी के अनुसार, मंगलवार को साहेब कुमार ताती को इलाज के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा) लाया गया था। इसी दौरान उन्होंने पुलिस जवानों को चकमा देकर फरार होने में कामयाबी पाई। घटना की खबर फैलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और पूरे शहर में अलर्ट जारी कर दिया गया।
आरोपी का बैकग्राउंड
साहेब कुमार ताती मूल रूप से बिहार के जमुई जिले के निवासी हैं। उन्हें गोबरा नवापारा थाना क्षेत्र के मामले में गिरफ्तार किया गया था। 2 जनवरी 2026 को विशेष न्यायालय ने उन्हें आजीवन कारावास और 10 वर्ष का सश्रम कारावास सुनाया था। पिछले एक वर्ष से अधिक समय से जेल में बंद थे।
पुलिस की कार्रवाई
घटना के बाद पुलिस ने तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। मौदहापारा थाना सहित कई टीमों ने आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया। शहर के प्रवेश और निकास मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
यह घटना जेल और पुलिस प्रशासन की लापरवाही को उजागर करती है। सवाल उठ रहे हैं कि इतनी कड़ी निगरानी के बावजूद कैदी हथकड़ी में रहते हुए कैसे फरार हो गया। अब देखना होगा कि पुलिस उसे कितनी जल्दी पकड़ती है और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।









