राजनांदगांव। होली पर्व के पूर्व अपराध और असामाजिक गतिविधियों पर नकेल कसते हुए राजनांदगांव पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से दो पिस्टल, दो देशी कट्टे और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। आरोपियों पर हथियारों के दम पर लोगों को डराकर अवैध वसूली करने का आरोप है।
मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि शंकरपुर के पास कुछ संदिग्ध युवक हथियारों के साथ लोगों को धमका रहे हैं और पैसे वसूल रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए साइबर सेल और चिखली चौकी पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई।
पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर आरोपियों को मौके से दबोच लिया। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से दो पिस्टल, दो देशी कट्टे और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार यह बरामदगी किसी बड़ी आपराधिक साजिश की ओर संकेत करती है।
एसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी दुर्ग, धमतरी और राजनांदगांव क्षेत्र के निवासी हैं। पूछताछ में मुख्य आरोपी विक्की डी. देशमुख ने स्वीकार किया कि हथियार मध्य प्रदेश के धार जिले से खरीदे गए थे। इस खुलासे के बाद पुलिस अब हथियार सप्लाई नेटवर्क की कड़ियों को खंगालने में जुट गई है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, सातों आरोपियों के खिलाफ पहले से विभिन्न थानों में आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें मारपीट, धमकी, अवैध वसूली सहित अन्य गंभीर अपराध शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी आशंका जताई जा रही है कि आरोपी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई से संभावित घटना टल गई।
पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने कहा कि त्योहारों के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि होली से पहले संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
फिलहाल सभी आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों का किसी संगठित गिरोह से संबंध है या नहीं, साथ ही हथियारों की खरीद-फरोख्त और सप्लाई चैन की भी गहन जांच की जा रही है।









