खैरागढ़: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा की ‘डबल इंजन’ सरकार पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला है। खैरागढ़ के ग्राम मारुटोला में एक सड़क निर्माण के भूमि पूजन कार्यक्रम में पहुंचे बघेल ने मंच से सीधे तौर पर विष्णुदेव साय सरकार की नीयत पर सवाल खड़े किए।
“जब तक संसाधन बिकेंगे नहीं, साय हटेंगे नहीं”
भूपेश बघेल ने भ्रष्टाचार और कॉर्पोरेट साठगांठ का आरोप लगाते हुए कहा कि मौजूदा सरकार छत्तीसगढ़ की जनता की नहीं, बल्कि ‘दो गरीबों’ यानी अडानी और अंबानी की सरकार है। उन्होंने एक विवादास्पद बयान देते हुए कहा “जब तक छत्तीसगढ़ के जंगलों और संसाधनों को पूरी तरह बेचा नहीं जाएगा, तब तक मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को बदला नहीं जाएगा।” उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के कानून अब किसानों या मजदूरों के लिए नहीं, बल्कि कॉर्पोरेट घरानों की तिजोरियां भरने के लिए बनाए जा रहे हैं।
किसान और खाद-बीज पर घेरा
बघेल ने कांग्रेस शासन की तुलना करते हुए भाजपा को किसान विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि उनके समय में न खाद की किल्लत थी, न टोकन की समस्या और न ही गेट पास के लिए किसान भटकता था। लेकिन आज किसान खाद-बीज के लिए परेशान है। टोकन और गेट पास की समस्याओं ने धान खरीदी को उलझा दिया है। सरकार की नीयत ही नहीं है कि किसान अपना पूरा धान सही ढंग से बेच सके।
पूर्व मुख्यमंत्री ने गरीबों के रोजगार पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार धीरे-धीरे मनरेगा को खत्म कर रही है, जिससे ग्रामीणों के 100 दिन के रोजगार के हक पर डाका डाला जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस अन्याय के खिलाफ कांग्रेस ‘सड़क से संसद’ तक लड़ाई लड़ेगी।
डबल इंजन सरकार पर तंज कसते हुए बघेल ने कहा कि भाजपा ने पहले भी 15 साल राज किया, लेकिन आज भी जिले के कई हिस्सों में बुनियादी सुविधाएं तक नहीं पहुंची हैं। वादे तो बड़े-बड़े किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।









