रायपुर: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को विशेष कोर्ट में करीब 400 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट के मुताबिक, प्रश्नपत्र लीक कराने के बाद चयनित अभ्यर्थियों को डिप्टी कलेक्टर और अन्य पदों पर बैठाने के लिए बारनवापारा को विशेष परीक्षा केंद्र बनाया गया था। इस पूरी साजिश में कारोबारी उत्कर्ष चंद्राकर की अहम भूमिका सामने आई है।
सीबीआई ने चार्जशीट में तत्कालीन सीजीपीएससी अध्यक्ष टामन सोनवानी, परीक्षा नियंत्रक सहित कुल 13 आरोपियों को नामजद किया है। खास बात यह है कि चार्जशीट के अंतिम हिस्से में कारोबारी उत्कर्ष चंद्राकर को भी आरोपी बनाया गया है। वहीं, परीक्षा में शामिल 29 अभ्यर्थियों को गवाह के रूप में पेश किया गया है। चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामले की सुनवाई तेज होने की संभावना है।
सीबीआई के अनुसार, भर्ती घोटाले को अंजाम देने के लिए सुनियोजित साजिश रची गई थी। बारनवापारा को विशेष परीक्षा केंद्र बनाने के साथ अभ्यर्थियों के ठहरने और अन्य व्यवस्थाएं उत्कर्ष चंद्राकर द्वारा कराई गईं। चार्जशीट में इसे संगठित भ्रष्टाचार और प्रभाव के दुरुपयोग का मामला बताया गया है।
एक साल तक दबाकर रखा गया प्रश्नपत्र
चार्जशीट में खुलासा हुआ है कि सीजीपीएससी 2020 के लिए तैयार किया गया प्रश्नपत्र एक वर्ष तक दबाकर रखा गया और बिना किसी सरकारी एंट्री के उसी प्रश्नपत्र का इस्तेमाल सीजीपीएससी 2021 की मुख्य परीक्षा में किया गया। यह प्रश्नपत्र पहले ही लीक हो चुका था। लीक की जानकारी टामन सोनवानी के रिश्तेदारों को पहले से थी, जिसका खुलासा उनके भतीजे विनीत खेबर और उसकी पत्नी स्वेता के बीच हुई व्हाट्सएप चैट से हुआ।
रिश्तेदारों को पहुंचाया गया लाभ
सीबीआई के अनुसार, तत्कालीन सचिव जीवन किशोर ध्रुव ने अपने बेटे सुमित ध्रुव को प्रश्नपत्र और मॉडल उत्तर पहले ही उपलब्ध कराए, जिससे उसका चयन डिप्टी कलेक्टर पद पर हुआ। तलाशी के दौरान उनके घर से प्रश्नपत्र और उत्तरों की फोटोकॉपी भी बरामद की गई। इसी तरह टामन सोनवानी पर अपनी बहू मीशा कोसले और दीपा आदिल को लाभ पहुंचाने का आरोप है। कुछ अन्य चयन भी सीबीआई की जांच में संदिग्ध बताए गए हैं।
171 पदों पर हुई थी भर्ती
सीजीपीएससी परीक्षा 2021 के तहत 171 पदों पर भर्ती हुई थी। प्रारंभिक परीक्षा में 2565 अभ्यर्थी सफल हुए थे, मुख्य परीक्षा में 509 और इंटरव्यू के बाद 170 अभ्यर्थियों की अंतिम चयन सूची जारी की गई थी। चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब इस बहुचर्चित भर्ती घोटाले में न्यायिक प्रक्रिया के तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है।










