बीजापुर। छत्तीसगढ़ और उड़ीसा में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ा समर्थन मिला है। बीजापुर जिले से नक्सल बटालियन-01 के इंचार्ज बारसे देवा के नेतृत्व में करीब 40 नक्सली तेलंगाना में सरेंडर करने पहुंचे हैं। सूत्रों के मुताबिक, बारसे देवा और अन्य नक्सली ने नेशनल पार्क से तेलंगाना के मुलगू जिले के जंगलों में पहुँचकर पुलिस से संपर्क किया।
इनमें से 14 नक्सलियों को तेलंगाना डीजीपी के सामने पेश किए जाने की खबर है। हालांकि, अब तक इस बाबत पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
उड़ीसा में भी नक्सलियों ने किया सरेंडर
सुकमा जिले के पड़ोसी उड़ीसा के मलकानगिरी जिले में मंगलवार को 22 नक्सलियों ने DGP के समक्ष सरेंडर किया। इनमें तीन स्पेशल जोनल कमेटी सदस्य, छह क्षेत्रीय समिति सदस्य (ACM) और एक वरिष्ठ संभागीय समिति सदस्य (DVMC) शामिल थे।
सरेंडर करने वाले नक्सलियों ने अपने साथ हथियारों का बड़ा जखीरा भी लाया, जिसमें एक AK-47, दो इंसास राइफल, एक SLR और कुल 9 अन्य हथियार शामिल हैं।
सीपीआई (माओवादी) संगठन को बड़ा झटका
इस सरेंडर से प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) संगठन को बड़ा झटका लगा है। सुरक्षा बलों के मुताबिक, वरिष्ठ सदस्य और क्षेत्रीय समिति सदस्य सहित इन 22 माओवादी कैडरों के सरेंडर से नक्सली संगठन की ताकत और गतिविधियों पर असर पड़ेगा। सरेंडर के बाद नक्सलियों को रीइंटीग्रेशन और सामाजिक पुनर्वास की प्रक्रिया के तहत स्थानीय प्रशासन के संरक्षण में रखा जाएगा।









