सामाजिक न्याय कार्यकर्ता अधिवक्ता भगवानू नायक, सामाज सेवी प्रीतम महानंद, झुग्गी झोपड़ी नेता आशीष तांडी नेता ने संयुक्त रूप से कहा छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के पंडरी झंडा चौक निवास में एक 10 वर्षीय नाबालिग (अनुसूचित जाति – गाँड़ा समाज) बच्ची के साथ एक वहशी बुजुर्ग व्यक्ति द्वारा दुष्कर्म करने का घृणित मामला सामने आया है। यह घटना न केवल मानवता के प्रति एक क्रूर अपराध है, बल्कि सम्पूर्ण समाज को शर्मसार करने वाली है। घटना की सूचना मिलते ही पीड़िता के परिजनों ने तत्काल सिविल लाइन थाना में अपनी शिकायत दर्ज कराई है। इस मामले में पीड़िता के परिजनों के साथ-साथ स्थानीय गाँड़ा समाज में गहरा आक्रोश है।
इस मामले में सामाजिक न्याय कार्यकर्ता अधिवक्ता भगवानू नायक, समाज सेवी प्रीतम महानंद झुग्गी नेता आशीष तांडी के साथ में बड़ी संख्या में समाजजनों ने सिविल लाइन थाना प्रभारी श्री पासवान से मुलाकात कर मामले की सूक्ष्मता पूर्वक एवं शीघ्र विवेचना करने, दोषी आरोपी को कठोरतम सजा दिलाने और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की।

इस अवसर पर सामाजिक न्याय कार्यकर्ता अधिवक्ता भगवानू नायक ने कहा इस संवेदनशील मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से की जाए और दोषी को कड़ी से कड़ी सजा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा राज्य अनुसूचित जाति आयोग, मानवाधिकार आयोग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग इस मामले में तत्काल स्वतः संज्ञान लेते हुए हस्तक्षेप करें और पीड़ित बिटिया को न्याय दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। पीड़ित बच्ची के उचित उपचार, उसके मानसिक स्वास्थ्य, गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और पीड़िता के परिवार को सरकार द्वारा त्वरित रूप से सम्मानजनक मुआवजा राशि प्रदान की जाए।
समाज सेवी प्रीतम महानंद ने कहा पुलिस प्रशासन द्वारा इस मामले में पारदर्शी, निष्पक्ष और ठोस कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी दरिंदा ऐसी घृणित हरकत करने का साहस न कर सके।
झुग्गी झोपड़ी नेता आशीष तांडी ने कहा कि ऐसे अमानवीय अपराधी को किसी भी प्रकार से बख़्सा नहीं जाना चाहिए। पुलिस को कड़ी कार्रवाई कर समाज के समक्ष एक मिसाल कायम करनी चाहिए।
हम सभी सामाजजन, सरकार और पुलिस प्रशासन से अपेक्षा करते हैं कि वह इस मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता दे। हम समाज से भी अपील करते हैं कि वह पीड़ित परिवार के साथ एकजुटता बनाए रखे और न्याय की इस लड़ाई में उनका साथ दे।









