रायपुर। छत्तीसगढ़ के डभरा ब्लॉक स्थित सिंघीतराई में Vedanta Limited के थर्मल पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर हादसे के बाद दर्ज एफआईआर को लेकर देशभर में बहस तेज हो गई है। उद्योग जगत और सार्वजनिक जीवन से जुड़े कई बड़े नाम इस मामले में खुलकर सामने आए हैं और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
हादसे में कई मजदूर झुलसे
14 अप्रैल को हुए इस दर्दनाक हादसे में तीन दर्जन से अधिक श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद इसे बड़ी मानवीय त्रासदी मानते हुए पीड़ितों के लिए मुआवजा और सहायता की मांग उठी।
FIR में नाम पर उठे सवाल
हादसे के बाद दर्ज एफआईआर में उद्योगपति Anil Agarwal का नाम शामिल किए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। उद्योगपति Naveen Jindal ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बिना पूरी जांच के किसी शीर्ष उद्योगपति का नाम शामिल करना उचित नहीं है और इससे जवाबदेही के दोहरे मापदंड सामने आते हैं।
उद्योग संगठनों से अपील
नवीन जिंदल ने CII, ASSOCHAM और FICCI जैसे संगठनों से भी इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करने की अपील की है। उनका कहना है कि निवेशकों का भरोसा बनाए रखना बेहद जरूरी है।
संयम बरतने की सलाह
पूर्व आईपीएस अधिकारी Kiran Bedi ने भी जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालने से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि तथ्यों के आधार पर जांच होनी चाहिए और उससे सीख लेकर व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है।
विशेषज्ञों की तीखी प्रतिक्रिया
इस मामले में Mohandas Pai, Akshat Khetan और Vijay Kedia जैसे विशेषज्ञों ने भी एफआईआर पर सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि ऐसी कार्रवाई निवेश माहौल को प्रभावित कर सकती है और नियमों का समान रूप से पालन होना चाहिए।
निष्पक्ष जांच की मांग
उद्योग जगत की सभी प्रमुख आवाजों ने एकमत से कहा है कि हादसे की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। तथ्यों के सामने आने के बाद ही जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए, ताकि न्याय के साथ-साथ निवेशकों का विश्वास भी बना रहे।










