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धर्मांतरण को लेकर बवाल, दो पास्टरों की गिरफ्तारी के विरोध में थाने का घेराव

रायपुर।

राजधानी रायपुर के ग्रामीण क्षेत्र खरोरा थाना अंतर्गत ग्राम मांठ में कथित धर्मांतरण और हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले में शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो पास्टरों को गिरफ्तार कर लिया है। पास्टरों की गिरफ्तारी से आक्रोशित ईसाई समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में खरोरा थाने पहुंचकर जमकर प्रदर्शन किया, जिससे कुछ समय के लिए इलाके में तनाव की स्थिति निर्मित हो गई थी।

धार्मिक आयोजन में आपत्तिजनक टिप्पणी और दबाव का आरोप

मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम मांठ में एक धार्मिक गतिविधि का आयोजन किया गया था। आरोप है कि इस दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों द्वारा हिंदू देवी-देवताओं के संबंध में अशोभनीय व आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। इसके साथ ही स्थानीय ग्रामीणों को प्रलोभन या दबाव देकर धर्म परिवर्तन कराने के प्रयास की बात भी सामने आई। ग्रामीणों की शिकायत के बाद पुलिस ने तत्काल मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच शुरू की।

दो पास्टरों की गिरफ्तारी, थाने के बाहर प्रदर्शन

पुलिस ने प्रारंभिक जांच और मिले साक्ष्यों के आधार पर दो पास्टरों को गिरफ्तार कर लिया। जैसे ही इसकी भनक ईसाई समाज के लोगों को लगी, वे बड़ी संख्या में खरोरा थाने पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पास्टरों पर लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं और पुलिस ने बिना पर्याप्त तथ्यों के एकतरफा कार्रवाई की है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच करने और गिरफ्तार पास्टरों को रिहा करने की मांग की।

अतिरिक्त पुलिस बल तैनात, निष्पक्ष जांच का भरोसा

प्रदर्शन के चलते खरोरा थाने के बाहर काफी समय तक माहौल गरमाया रहा। हालांकि, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की सूझबूझ और समझाइश के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए और स्थिति नियंत्रण में आई। एहतियात के तौर पर और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

पुलिस प्रशासन का बयान:

मामले से जुड़े दस्तावेजों, शिकायत पत्र और गवाहों के बयानों की बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी। मामले के हर पहलू की पूरी निष्पक्षता के साथ पड़ताल की जा रही है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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