स्कूल परिसर में शिक्षिकाओं की रील वायरल होने के मामले की अब इनसाइड स्टोरी सामने आ गई है। जांच में खुलासा हुआ है कि यह पूरा मामला शिक्षकों के आपसी अंतर्कलह और प्राचार्य की पोस्टिंग के विरोध से जुड़ा हुआ था। आरोप है कि प्राचार्य की नियुक्ति का विरोध कर रही शिक्षिकाओं को बदनाम करने के उद्देश्य से उनकी रील जानबूझकर वायरल कराई गई।
गौरतलब है कि रविवार को शिक्षिकाओं का एक ऑडियो और रील “दामाद जी अंगना में पधारे” गीत पर वायरल हुआ था, जिसके बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया था। अब इस पूरे प्रकरण में दोतरफा कार्रवाई सामने आई है।
प्राचार्य की बहाली रद्द
जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने स्वामी आत्मानंद स्कूल में प्राचार्य वंदना पांडे की दोबारा की गई बहाली को निरस्त कर दिया है। जानकारी के अनुसार, 29 जनवरी को उन्हें पुनः उसी स्कूल में पदस्थ करने का आदेश जारी हुआ था, जिसके बाद स्कूल में असंतोष की स्थिति बन गई थी। शिक्षक और छात्र इस फैसले का लगातार विरोध कर रहे थे।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले 17 अक्टूबर को गंभीर आरोपों के चलते प्राचार्य वंदना पांडे को आत्मानंद स्कूल से निलंबित किया गया था। निलंबन के बाद पुनः उसी स्कूल में बहाली किए जाने से विवाद और गहराता चला गया।
शिक्षकों और छात्रों का खुला विरोध
5 फरवरी को शिक्षकों ने प्राचार्य के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया। शिक्षकों ने मानसिक प्रताड़ना, तानाशाही रवैये और अनुचित दबाव जैसे गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि ऐसे माहौल में पढ़ाई और शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। धीरे-धीरे इस विरोध में छात्र भी शामिल हो गए।
सोमवार को हालात तब और बिगड़ गए जब सैकड़ों छात्र-छात्राएं तख्तियां लेकर कलेक्ट्रेट पहुंच गए। नारेबाजी करते हुए उन्होंने प्राचार्य को तत्काल हटाने की मांग की। छात्रों ने ज्ञापन सौंपते हुए अनुशासन, पढ़ाई और मानसिक वातावरण खराब होने के आरोप लगाए, साथ ही वसूली जैसे आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की।
बढ़ते दबाव में लिया गया फैसला
शिक्षकों और छात्रों की संयुक्त नाराजगी तथा बढ़ते दबाव को देखते हुए डीईओ ने अंततः प्राचार्य वंदना पांडे की बहाली का आदेश निरस्त कर दिया। इस फैसले के बाद स्कूल परिसर में राहत का माहौल देखा गया।
रीलबाज शिक्षिकाओं पर भी कार्रवाई
हालांकि इस पूरे मामले में एक और कार्रवाई भी हुई है। स्कूल परिसर में डांस रील बनाने और उसे वायरल करने के मामले में संबंधित शिक्षिकाओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। डीईओ ने स्पष्ट किया है कि शाला परिसर में इस तरह की गतिविधियां अनुशासनहीनता के दायरे में आती हैं और शिक्षिकाओं को इसका जवाब देना होगा।
इस तरह यह मामला सिर्फ एक वायरल रील तक सीमित नहीं रहा, बल्कि स्कूल प्रशासन, शिक्षकों और छात्रों के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव का प्रतीक बनकर सामने आया है।









