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लिखित आदेश या आंदोलन जारी: CAF वेटिंग लिस्ट अभ्यर्थियों की सरकार को दो टूक

रायपुर: छत्तीसगढ़ में सरकार बदल गई, लेकिन CAF भर्ती परीक्षा के वेटिंग लिस्ट अभ्यर्थियों की किस्मत अब तक नहीं बदली है। पिछले 7 सालों से ये अभ्यर्थी सिर्फ आश्वासन ही सुन रहे हैं। शनिवार को पीड़ित अभ्यर्थियों और उनके परिजनों ने प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात की, लेकिन वहां भी उन्हें कोई लिखित आदेश नहीं, बल्कि एक बार फिर सिर्फ आश्वासन ही मिला।

दरअसल, साल 2018 में बीजेपी शासनकाल के दौरान CAF के 1786 पदों पर भर्ती निकाली गई थी। इस भर्ती प्रक्रिया में 417 अभ्यर्थियों को वेटिंग लिस्ट में रखा गया। यह वेटिंग लिस्ट 28 अगस्त 2018 को जारी हुई थी। भर्ती के एक साल के भीतर मेरिट के आधार पर कुछ अभ्यर्थियों को नौकरी दी गई, लेकिन वेटिंग लिस्ट में शामिल सैकड़ों युवा आज भी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं।

नौकरी की आस लिए ये अभ्यर्थी अधिकारियों, विधायकों और मंत्रियों के दरवाजे खटखटा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसी वजह से प्रदेशभर के CAF वेटिंग लिस्ट अभ्यर्थी अपने परिवार के साथ 22 दिसंबर से नया रायपुर के तूताधरना स्थल पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं।

अभ्यर्थियों का साफ कहना है कि जब तक सरकार उन्हें लिखित में आश्वासन या नियुक्ति से जुड़ा आदेश नहीं देती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

CAF वेटिंग लिस्ट के अभ्यर्थी किरण कुमार ने बताया कि गृहमंत्री से मुलाकात के दौरान उनसे कहा गया कि धरना छोड़कर वे गृहमंत्री के बंगले आ जाएं। लेकिन अभ्यर्थियों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि सिर्फ मौखिक आश्वासन अब मंजूर नहीं है।

अब सवाल ये है कि क्या सरकार CAF वेटिंग लिस्ट अभ्यर्थियों की वर्षों पुरानी मांग पर कोई ठोस फैसला लेगी, या फिर ये युवा ऐसे ही धरने पर बैठे रहने को मजबूर होंगे।

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