हैदराबाद। तंबाकू छोड़ना सिर्फ सेहत के लिए ही नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से भी करोड़ों भारतीय परिवारों के लिए बड़ा बदलाव ला सकता है। BMJ Global Health में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन के मुताबिक, अगर भारत में लोग तंबाकू का सेवन बंद कर दें, तो करीब 2.05 करोड़ परिवार अपनी आर्थिक स्थिति सुधारकर उच्च वर्ग में पहुंच सकते हैं।
यह शोध Tata Institute of Social Sciences और ICMR National Institute of Cancer Prevention and Research के विशेषज्ञों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया है।
ग्रामीण और गरीबों को सबसे ज्यादा फायदा
अध्ययन में सामने आया है कि तंबाकू छोड़ने का सबसे अधिक लाभ ग्रामीण और गरीब परिवारों को मिलेगा।
- ग्रामीण भारत में करीब 1.7 करोड़ परिवार (11.64%) अपनी आर्थिक स्थिति सुधार सकते हैं
- शहरी क्षेत्रों में लगभग 35 लाख परिवार (7.26%) को फायदा होगा
- सबसे गरीब वर्ग के 56.2 लाख परिवार (12.4%) आर्थिक रूप से ऊपर उठ सकते हैं
इन परिवारों की आय का 6.4% से 6.6% हिस्सा बीड़ी, सिगरेट और गुटखे पर खर्च होता है, जिसे बचाकर वे जरूरी जरूरतों पर खर्च कर सकते हैं।
मिडिल क्लास को भी राहत
तंबाकू छोड़ने से मध्यम वर्ग को भी बड़ा फायदा होगा। करीब 71 लाख मध्यम आय वाले परिवार इस बचत के जरिए अपनी आर्थिक स्थिति को और मजबूत कर सकते हैं।
गरीबी कम करने का बड़ा जरिया
शोधकर्ताओं का मानना है कि तंबाकू पर होने वाला खर्च शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य जैसे जरूरी क्षेत्रों से पैसा कम कर देता है। साथ ही, तंबाकू से जुड़ी बीमारियां और समय से पहले मौत वैश्विक अर्थव्यवस्था को हर साल भारी नुकसान पहुंचाती हैं।
सरकार के लिए सुझाव
विशेषज्ञों ने सरकार को तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ाने, जागरूकता अभियान चलाने और तंबाकू छोड़ने में मदद करने वाले कार्यक्रमों को मजबूत करने की सलाह दी है।
साफ संदेश
अध्ययन भले ही ऑब्जर्वेशनल हो, लेकिन यह साफ करता है कि तंबाकू का सेवन न सिर्फ स्वास्थ्य, बल्कि आर्थिक तरक्की में भी बड़ी बाधा है। तंबाकू छोड़ना करोड़ों परिवारों को गरीबी के चक्र से बाहर निकालने में अहम भूमिका निभा सकता है।









