रायपुर। महिला आरक्षण के मुद्दे पर छत्तीसगढ़ की राजनीति तेज हो गई है। राज्य में 30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है, जिसमें इस विषय पर अहम प्रस्ताव पेश किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
कैबिनेट बैठक में होगी रणनीति तय
सत्र से एक दिन पहले 29 अप्रैल को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक होगी। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में विधानसभा में रखे जाने वाले प्रस्ताव के मसौदे पर चर्चा की जाएगी।
सत्र में पेश हो सकता है प्रस्ताव
30 अप्रैल को होने वाले विशेष सत्र में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय या संसदीय कार्यमंत्री केदार कश्यप प्रस्ताव पेश कर सकते हैं। हालांकि, अभी तक प्रस्ताव का अंतिम स्वरूप सार्वजनिक नहीं हुआ है।
नारी शक्ति से जुड़ा प्रस्ताव संभव
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि यह प्रस्ताव महिला सशक्तिकरण और नारी शक्ति से जुड़ा हो सकता है। इसी तरह का एक शासकीय संकल्प हाल ही में मध्य प्रदेश में भी पेश किया गया था, जिसमें महिलाओं के सर्वांगीण विकास और सशक्तिकरण पर जोर दिया गया।
स्थानीय निकायों में भी विशेष सभाएं
इस मुद्दे को जमीनी स्तर तक ले जाने के लिए राज्य के पंचायतों और नगरीय निकायों में भी विशेष सभाएं आयोजित की जा रही हैं। रायपुर नगर निगम में इसकी शुरुआत हो चुकी है, जहां हंगामे के बीच महिला सशक्तिकरण से जुड़ा प्रस्ताव पारित किया गया।
राजनीति गरमाई, नजरें प्रस्ताव पर
विशेष सत्र को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि विधानसभा में लाया जाने वाला प्रस्ताव किस स्वरूप में होगा और उस पर क्या रुख सामने आता है। फिलहाल, कैबिनेट बैठक और विधानसभा की कार्यसूची जारी होने के बाद ही पूरे प्रस्ताव की तस्वीर साफ हो पाएगी।









