श्रीलंका में एक बड़े बौद्ध भिक्षु को नाबालिग लड़की के यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक, 71 साल के पल्लेगामा हेमरत्ना देश के सबसे प्रमुख बौद्ध भिक्षुओं में गिने जाते हैं. वह अनुराधापुरा शहर के एक बड़े मंदिर के मुख्य पुजारी हैं. पुलिस ने उन्हें शुक्रवार रात गिरफ्तार किया.
अनुराधापुरा की अदालत ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था. लड़की की मां को भी गिरफ्तार किया गया है. उस पर आरोप है कि उसने इस मामले में बौद्ध भिक्षु की मदद की. पुलिस प्रवक्ता एफटी वूटलर ने बताया कि पीड़ित लड़की की उम्र अब 15 साल है. आरोप है कि उसके साथ अनुराधापुरा के मंदिर परिसर में यौन शोषण किया गया.
2 महीने पहले शिकायत दर्ज हुई थी
इस मामले की शिकायत मार्च में दर्ज कराई गई थी. शुरुआत में मामला नाबालिग लड़की के अपहरण और उसे जबरन रोककर रखने का था. लेकिन जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को यौन शोषण की जानकारी मिली. पुलिस के मुताबिक, हेमरत्ना को राजधानी कोलंबो के एक निजी अस्पताल से पकड़ा गया. वह वहां इलाज करा रहे थे. कोलंबो, अनुराधापुरा से करीब 200 किमी दूर है. हेमरत्ना, अटामास्थान नाम के पवित्र बौद्ध स्थलों के मुख्य भिक्षु हैं. ये जगह श्रीलंका के सबसे अहम धार्मिक स्थलों में गिनी जाती है और यहां हर साल हजारों श्रद्धालु आते हैं.
गांजा के साथ पकड़े गए थे बौद्ध भिक्षु
इससे पहले श्रीलंका में बौद्ध भिक्षुओं से जुड़ा एक और बड़ा मामला सामने आया था. 28 अप्रैल 2026 को कोलंबो एयरपोर्ट पर 22 बौद्ध भिक्षुओं को 110 किलो से ज्यादा गांजा रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया. पुलिस के मुताबिक, ये सभी भिक्षु थाईलैंड से लौट रहे थे. उनके सूटकेस में खास तरीके से नकली तली बनाकर गांजा छिपाया गया था.
हर बैग में 5 किलो से ज्यादा गांजा मिला था. अधिकारियों का कहना था कि यह एयरपोर्ट पर अब तक की सबसे बड़ी ड्रग्स बरामदगी में से एक है. जब्त गांजे की कीमत करीब 34.5 लाख डॉलर यानी लगभग 110 करोड़ रुपये बताई गई है.










