कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से सरकारी अधिकारियों को बंधक बनाने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। करतला थाना क्षेत्र के नोनबिर्रा गांव में जमीन के सीमांकन (Demarcation) के दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि ग्रामीणों ने राजस्व निरीक्षक (RI) और पटवारी को करीब दो घंटे तक कार में बंधक बनाकर रखा।
क्या है पूरा मामला? मिली जानकारी के मुताबिक, नायब तहसीलदार करतला के आदेश पर राजस्व अमला ग्राम नोनबिर्रा के बनियापारा पहुंचा था। यहाँ हल्का पटवारी भरत चौहान और राजस्व निरीक्षक जयपाल सिंह को आवेदक संतराम की भूमि (खसरा नंबर 643/1) का सीमांकन करना था। अधिकारियों ने नियमानुसार नाप-जोख की प्रक्रिया पूरी कर इसकी जानकारी आवेदक को दी।
रिश्वत के आरोप और ‘आत्मघाती’ ड्रामा सीमांकन की प्रक्रिया पूरी होते ही गाँव के कुछ लोग भड़क गए। उन्होंने अधिकारियों पर पैसे लेकर गलत तरीके से जमीन नापने का आरोप लगाया। गुस्साए ग्रामीणों ने अधिकारियों को उनकी ही कार में बैठने पर मजबूर किया और करीब दो घंटे तक बंधक बनाए रखा। इस दौरान माहौल तब और तनावपूर्ण हो गया जब एक ग्रामीण ने हाथ में रस्सी लेकर आत्महत्या करने की धमकी देनी शुरू कर दी।
पुलिस की कार्रवाई काफी मशक्कत के बाद अधिकारियों को वहां से निकाला गया। घटना के बाद पटवारी भरत चौहान ने करतला थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए चार नामजद आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
अधिकारियों की सुरक्षा पर सवाल राजधानी और अन्य जिलों में राजस्व अधिकारियों के साथ बदसलूकी की बढ़ती घटनाओं ने प्रशासनिक अमले की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश जारी है और सरकारी काम में बाधा डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।










