रायपुर। राजधानी रायपुर में एक उपअभियंता (सब-इंजीनियर) को सुनियोजित जाल में फंसाकर उनका मोबाइल लूटने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि उनकी पत्नी के खिलाफ मोबाइल में मौजूद सबूतों को गायब करने के उद्देश्य से इस पूरी वारदात को अंजाम दिया गया है। पीड़ित गौरव साहू बेमेतरा जिले के साजा जल संसाधन विभाग में उपअभियंता के पद पर पदस्थ हैं। उन्होंने इस मामले की शिकायत तेलीबांधा थाने में दर्ज कराई है।
पुलिस को मिली शिकायत के अनुसार, गौरव साहू और उनकी पत्नी अंजली साहू के बीच पारिवारिक विवाद चल रहा है, जिसकी काउंसलिंग रायपुर महिला थाने में हो रही थी। काउंसलिंग के दौरान गौरव ने अपनी पत्नी के खिलाफ मोबाइल में कुछ अहम सबूत होने का दावा किया था। इसके ठीक बाद, 16 दिसंबर 2025 को गौरव के पास एक अज्ञात नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को एक न्यूज़ पोर्टल का पत्रकार बताया और जरूरी बातचीत का हवाला देकर उन्हें अकेले मिलने के लिए बुलाया।
तय योजना के मुताबिक, मुलाकात के लिए तेलीबांधा थाना क्षेत्र स्थित कोटियार्ड मैरियट होटल के पास का स्थान चुना गया था। गौरव अपने एक दोस्त अनिमेष पांडेय के साथ वहां पहुंचे।
कैसे हुई लूट: वहां दो युवक मिले, जिनमें से एक गौरव को थोड़ा अंधेरे की तरफ ले गया। कुछ ही देर में वहां दो और युवक आ पहुंचे। आरोपियों ने मोबाइल में मौजूद कथित सबूतों को देखने के बहाने फोन अपने हाथ में लिया और फिर उसे लेकर भागने लगे। जब गौरव ने अपना फोन वापस मांगा, तो आरोपियों ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी देते हुए मोबाइल लेकर फरार हो गए।
पीड़ित उपअभियंता का साफ तौर पर मानना है कि यह कोई साधारण लूट नहीं है, बल्कि मोबाइल में मौजूद सबूतों को नष्ट करने या हासिल करने के लिए रची गई एक सोची-समझी साजिश है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तेलीबांधा थाना पुलिस ने अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस अब उस अज्ञात कॉलर की डिटेल, मोबाइल नंबरों के लोकेशन और घटनास्थल (मैरियट होटल के आसपास) में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।










