रायपुर। ऑनलाइन वैवाहिक वेबसाइटों पर जीवनसाथी की तलाश कर रही महिलाओं को निशाना बनाकर लाखों रुपये की ठगी और चोरी करने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का रायपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो देश के विभिन्न राज्यों में इसी तरह की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं।
जीवनसाथी डॉट कॉम के जरिए बनाया संपर्क
मामला खम्हारडीह थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी अभिनव सिंह ने एक महिला से वैवाहिक वेबसाइट ‘जीवनसाथी डॉट कॉम’ के माध्यम से संपर्क किया। बातचीत के दौरान उसने महिला का विश्वास जीता और धीरे-धीरे नजदीकियां बढ़ाईं। इसके बाद जन्मदिन की पार्टी के बहाने वह महिला के घर पहुंचा, जहां खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे बेहोश कर दिया। महिला के बेहोश होने के बाद आरोपी घर में रखे सोने-चांदी के कीमती जेवर लेकर फरार हो गया।
तकनीकी जांच से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
घटना की शिकायत मिलने के बाद रायपुर पुलिस ने साइबर ट्रैकिंग और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने उत्तराखंड के हरिद्वार निवासी हितिन नरूला और दिल्ली के पहाड़गंज निवासी मुख्य आरोपी अभिनव सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
फर्जी पहचान से महिलाओं को फंसाता था आरोपी
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी फर्जी पहचान पत्रों का इस्तेमाल कर महिलाओं से संपर्क करता था और खुद को अलग-अलग नाम व पहचान के साथ प्रस्तुत करता था। जांच में यह भी सामने आया है कि पिछले एक महीने में ही आरोपी ने वैवाहिक वेबसाइट के माध्यम से करीब 100 महिलाओं से संपर्क किया था।
पहले भी जा चुका है जेल
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी अभिनव सिंह का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। वह पहले भी धोखाधड़ी, चोरी और वाहन चोरी जैसे मामलों में जेल जा चुका है। पुलिस अब उसके अन्य राज्यों में दर्ज मामलों की भी जानकारी जुटा रही है।
आरोपियों से नकदी, जेवर और मोबाइल बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 57 हजार रुपये नकद, करीब दो तोला सोना, चांदी का ब्रेसलेट तथा वारदात में इस्तेमाल किए गए पांच मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
महिलाओं से सतर्क रहने की अपील
रायपुर पुलिस ने ऑनलाइन मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म का उपयोग करने वाली महिलाओं से सतर्कता बरतने की अपील की है। साथ ही पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर 94791-91099 जारी करते हुए कहा है कि यदि कोई अन्य महिला भी इस गिरोह या इसी प्रकार की धोखाधड़ी का शिकार हुई है, तो वह बिना संकोच संपर्क कर शिकायत दर्ज करा सकती है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।










