रायपुर। छत्तीसगढ़ में भारतमाला परियोजना के तहत जमीन अधिग्रहण मुआवजा घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। ED के रायपुर जोनल ऑफिस ने इस मामले के मुख्य आरोपी जयप्रकाश गांधी को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को विशेष कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से कोर्ट ने उसे 3 दिन की ED रिमांड पर सौंप दिया है।
56 लाख की जगह हड़पे ₹9.83 करोड़, ऐसे हुआ खेल
ED की जांच में इस महाघोटाले के तौर-तरीकों का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपी जयप्रकाश गांधी (निवासी अभनपुर, रायपुर) ने अपने परिवार के सदस्यों और कुछ सरकारी कर्मचारियों के साथ मिलकर एक सोची-समझी साजिश रची।
- जमीन के किए टुकड़े: आरोपियों ने हाईवे अलाइनमेंट (सीध) के दायरे में आने वाली जमीन को पहले खरीदा और फिर उसे 500 वर्ग मीटर से कम के छोटे-छोटे टुकड़ों में बांट दिया।
- मुआवजा बढ़ाने की ट्रिक: जमीन का यह बंटवारा सिर्फ इसलिए किया गया ताकि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के नियमों का फायदा उठाकर ज्यादा से ज्यादा मुआवजा वसूला जा सके।
- ₹9.27 करोड़ की अवैध कमाई: जिस जमीन का वास्तविक मुआवजा सिर्फ 56.76 लाख रुपये बनना था, उसके लिए आरोपियों ने गलत तरीके से 9.83 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि हासिल कर ली। इस तरह सरकार को सीधे तौर पर करीब 9.27 करोड़ रुपये का चूना लगाया गया।
शेयर और म्यूचुअल फंड में खपाया काला धन
ED के मुताबिक, इस धोखाधड़ी से कमाए गए 9.27 करोड़ रुपये (Proceeds of Crime) को छिपाने के लिए मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था में निवेश किया गया। आरोपियों ने इस काली कमाई को वैध बनाने के लिए शेयरों, म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय साधनों (Financial Instruments) में इन्वेस्ट कर दिया था।
ACB/EOW की FIR के बाद ED ने संभाली कमान
यह पूरा मामला छत्तीसगढ़ की एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) द्वारा दर्ज की गई FIR पर आधारित है। रायपुर-विशाखापत्तनम आर्थिक गलियारा परियोजना के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे के वितरण में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं पाई गई थीं, जिसके बाद ED ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर जांच शुरू की।
इससे पहले, ED ने 28 अप्रैल 2026 को रायपुर, अभनपुर और धमतरी जिलों में कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की थी। इस सर्च ऑपरेशन के दौरान घोटाले से जुड़े कई आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और अन्य पुख्ता सबूत जब्त किए गए थे।
रडार पर कई अधिकारी और बिचौलिए
विशेष न्यायालय (PMLA) रायपुर द्वारा 3 दिन की कस्टडी मिलने के बाद ED अब जयप्रकाश गांधी से कड़ाई से पूछताछ करेगी। इस मामले में जांच अभी जारी है। ED का कहना है कि इस पूरी साजिश में शामिल अन्य लाभार्थियों, बिचौलियों और सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका की भी बारीकी से जांच की जा रही है, जिससे जल्द ही कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।










